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UP Voter List: 'CM कान में कहकर वोट कटवा रहे', Akhilesh Yadav का यूपी सरकार पर SIR घोटाले का आरोप

UP Voter List Update: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज (18 दिसंबर 2025) लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें अखिलेश ने, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) पर गंभीर आरोप लगाए।

अखिलेश ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए सरकार जानबूझकर समाजवादियों के वोट कटवा रही है। उन्होंने इसे चुनावी साजिश करार दिया और चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, कोडीन कफ सिरप घोटाले, प्रदूषण और अन्य मुद्दों पर भी योगी सरकार को घेरा। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं- क्या है SIR, आरोपों की जड़ क्या है और इसका राजनीतिक असर क्या हो सकता है?

UP Voter List Akhilesh Yadav

SIR क्या है? बैकग्राउंड और विवाद की शुरुआत

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इसमें दोहराए गए नाम, मृतकों या गैर-मौजूद मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, ताकि चुनाव निष्पक्ष हों। उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने दावा किया था कि इससे करीब 4 करोड़ फर्जी वोट हटाए गए हैं। लेकिन विपक्षी दल, खासकर सपा और कांग्रेस, इसे एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) जैसी साजिश बता रहे हैं।

उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया अल्पसंख्यकों, गरीबों और विपक्षी समर्थकों को टारगेट कर रही है, जिससे चुनावी बैलेंस बिगड़ सकता है। अखिलेश यादव ने इसे 'NRC का छद्म रूप' बताया, जहां स्पेलिंग मिस्टेक जैसी छोटी गलतियों से नाम काटे जा रहे हैं, और चुनाव आयोग चुप है।

Akhilesh Yadav के मुख्य आरोप: 'मुख्यमंत्री कान में कहकर वोट कटवा रहे हैं'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार अपने लोगों को बचा रही है, जबकि विपक्ष के वोटरों पर दबाव बनाया जा रहा है। यहां उनके प्रमुख बयानों का सार:-

  • वोट कटवाने का दावा: 'मुख्यमंत्री जी जहां जा रहे हैं, वहां अधिकारियों के कान में बता रहे हैं कि समाजवादियों का वोट काट दो। कान में कहकर आए हैं मुख्यमंत्री जी कि इनका वोट कटना है, कोई ना कोई कमी निकालिए, नोटिस भी मत भेजिए।' अखिलेश ने सवाल उठाया कि अगर SIR रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि 4 करोड़ वोट कट गए? 'अभी हम लोगों को आंकड़े तो मिले नहीं, यह मुख्यमंत्री जी को कैसे पता लग गया कि 4 करोड़ उनके वोट कट गए? सब बीजेपी के पास आंकड़े पहुंच गए हैं। सुनने में आ रहा है कि रात में बैठकर उनके विधायक, बीजेपी के नेता लोग, प्राइवेट कंपनियां के वोट कैसे बढ़ाया जाए, वोट को बराबर कैसे किया जाए कि 4 करोड़ वोट कट गए। सोचो, मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 4 करोड़ वोट उनका कट गया है, उन्हें कैसे पता उन्हीं का कट गया है?'
  • राजनीतिक साजिश का आरोप: अखिलेश ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच सांठगांठ है। उन्होंने कहा कि जो ऐप SIR के लिए इस्तेमाल हो रहा है, वह उसी कंपनी का है जिसने चुनावी बॉन्ड्स से बीजेपी को फंड दिया था। इससे विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। अगर 4 करोड़ वोट कटे, तो प्रति विधानसभा सीट (कुल 403) औसतन 84 हजार वोट हटाए गए, जो बिना प्रशासनिक दबाव के संभव नहीं।

यह आरोप इसलिए गंभीर हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और वोटर लिस्ट में बदलाव सीधे चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। विपक्ष का मानना है कि इससे सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा, खासकर मुस्लिम और पिछड़े वर्गों के वोट प्रभावित होंगे।

कोडीन कफ सिरप घोटाला: 'माफिया घूम रहे हैं, सरकार बचा रही है'

अखिलेश ने कोडीन कफ सिरप के घोटाले पर भी सरकार को घेरा। यह मुद्दा हाल ही में सुर्खियों में आया, जहां अवैध रूप से कोडीन युक्त सिरप की बिक्री और मिलावट की शिकायतें हैं। अखिलेश ने कहा:- 'कोडीन को लेकर आम लोग और गरीब लोग चिंतित हैं, प्रधान संसद के यहां से शुरू होकर कोडीन कफ सीरप को भेजा जा रहा है। माफिया घूम रहे हैं, कालीन भैया...कोडीन भैया तो सबने देखा।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर अपने लोगों को बचा रही है, और यह एक बड़ा घोटाला है। बैकग्राउंड में, कोडीन एक प्रतिबंधित दवा है, जिसका दुरुपयोग नशे के लिए होता है। उत्तर प्रदेश में हाल के छापों में बड़े पैमाने पर मिलावटी सिरप बरामद हुए हैं, लेकिन विपक्ष का कहना है कि असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

प्रदूषण और पर्यावरण पर सवाल: 'समाजवादियों का स्टेडियम, मैच नहीं हो पाया'

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने लखनऊ के प्रदूषण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:- 'इस समय पॉल्यूशन की वजह से सोचिए अंतरराष्ट्रीय मैच लखनऊ में नहीं हो पाया और यह वही स्टेडियम है जो समाजवादियों ने बनवाया। नदियों का हाल आप जानते ही हो और एक्यूआई का डाटा सरकार के पास अपना है। इससे ज्यादा सवाल गन्ने का, चीनी मिलों का और पर्यावरण को लेकर के बहुत चिंता है।' लखनऊ का AQI हाल में 300 से ऊपर रहा है, जिससे मैच रद्द हुए। अखिलेश ने इसे सरकार की विफलता बताया, जबकि सपा शासन में बने इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र कर अपनी उपलब्धियां गिनाईं।

अन्य मुद्दों पर अखिलेश के बयान

  • नीतीश कुमार के बुर्का विवाद पर: 'दुखद घटना है, पूरा विश्व में निंदा हो रहा है।'
  • संजय निषाद के बयान पर: 'सीएम ने उनसे कहा होगा कहने को...'
  • रोहिंग्या मुद्दा: 'कोई भी बीजेपी का नेता नहीं तय कर सकता कुछ...कुछ को रोहिंग्या बता दिया जा रहा है।'

राजनीतिक असर और रिएक्शन

यह प्रेस कॉन्फ्रेंस SIR विवाद को और गर्माती है, जो पहले से ही योगी और अखिलेश के बीच टकराव का कारण बना हुआ है। बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है, जबकि विपक्ष एकजुट हो रहा है। सोशल मीडिया पर SIR2025 और AkhileshYadav ट्रेंड कर रहे हैं। चुनाव आयोग से मांग की जा रही है कि SIR रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अगर आरोप साबित हुए, तो यह चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। फिलहाल, योगी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है - क्या SIR निष्पक्ष अपडेट है या चुनावी हथियार? फैंस और विश्लेषक आगे की घटनाओं पर नजर रखे हुए हैं।

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