UP में RTE एडमीशन के नियम में योगी सरकार ने किया बड़ा बदलाव, नहीं हो सकेगी अब धोखाधड़ी
UP RTE admissions rules Change: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के फ्री एडमीशन में हो रही धोखाधड़ी रोकने के लिए अब इसमें कड़े नियम योगी सरकार ने लागू कर दी है। इस नए नियम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन और कड़ी निगरानी शामिल होगी। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आवेदन के लिए अभिभावकों और बच्चों दोनों को अब आधार विवरण देना अनिवार्य होगा।
इन नए नियमों का उद्देश्य स्कूलों के मनमाने व्यवहार पर रोक लगाना है, ताकि गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो। पहली बार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला-स्तरीय कार्यान्वयन और निगरानी समिति का गठन किया गया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल हैं। प्रवेश के दौरान होने वाले विवादों को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली चार-सदस्यीय समिति सुलझाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कई ऐसे मामलों के बाद उठाया गया है, जब गरीब अभिभावकों को प्रवेश के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगनी पड़ी थी, और सिस्टम का दुरुपयोग करने के लिए जाली दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया गया था।
यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा, "यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी गरीब बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे। सरकार समाज के सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।"
सभी आवेदन www.rte25.upsdc.gov.in पोर्टल के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जबकि स्कूलों को उपलब्ध सीटों का विवरण अपलोड करना होगा। इस योजना के लिए ₹1 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चे, या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, अनाथ, एचआईवी/एड्स या कैंसर प्रभावित माता-पिता के बच्चे, और दिव्यांगजन परिवार पात्र होंगे।
सरकार स्कूल फीस का भुगतान करेगी और अभिभावकों को यूनिफॉर्म व किताबों के लिए सालाना ₹5,000 देगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि झूठे दस्तावेज जमा करने वाले अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उचित कारण के बिना आवंटित बच्चों को प्रवेश से वंचित करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, कंचन वर्मा ने बताया कि शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए स्कूलों को प्रवेशित बच्चों को RTE पोर्टल और यू-डाइस प्रणाली पर पंजीकृत करना होगा। प्रतिपूर्ति दावों का सत्यापन जिला-स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, और खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा तिमाही आधार पर क्षेत्र निरीक्षण किए जाएंगे।
प्री-प्राइमरी प्रवेश के लिए 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे पात्र हैं, जबकि 6-7 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे कक्षा 1 के लिए आवेदन कर सकते हैं।












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