दिसंबर तक 100% लक्ष्य हासिल करने के लिए यूपी को नौ गुना तेज करना होगा वैक्सीनेशन
नई दिल्ली, जून 09: यदि भारत को वर्ष के अंत तक अपनी वयस्क आबादी को पूरी तरह से टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करना है, तो उसे 16 जनवरी से 7 जून तक किए गए औसत दैनिक टीकाकरण के स्तर को पांच गुना के करीब बढ़ाना होगा। लेकिन यह लक्ष्य कठिन दिख रहा है। इसी तरह उत्तर प्रदेश को दैनिक टीकाकरण में नौ गुना, बिहार को आठ गुना से अधिक और तमिलनाडु, झारखंड और असम को लगभग सात गुना वृद्धि हासिल करने की आवश्यकता होगी।

Recommended Video
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार से इस साल में अभी 207 दिन बाकी हैं। अभी तक 143 दिन के टीकाकरण के हिसाब से आगे के आंकड़ों की बात करें तो निष्कर्ष चिंताजनक हैं। उत्तर प्रदेश के आंकड़ों पर गौर करें तो वहां 12% से भी कम व्यस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज मिल पाई है जबकि सिर्फ 2.5% व्यस्क आबादी दूसरी डोज भी ले चुकी है। वहां हर दिन 1.4 लाख डोज की औसत रफ्तार से टीकाकरण अभियान आगे बढ़ रहा है।
ऐसे में देखा जाए तो यूपी में दिसंबर तक पूरी व्यस्क आबादी को टीका देने का लक्ष्य हासिल करने के लिए बचे हुए दिनों में 13.2 लाख डोज की औसत दैनिक रफ्तार से टीकाकरण अभियान को बढ़ाना होगा जो अब तक के हासिल दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 9 गुना से भी ज्यादा है। इसी तरह, बिहार ने अपनी 12.6% व्यस्क आबादी को टीके की पहली डोज दी है जबकि सिर्फ 2.5% आबादी को दूसरी डोज मिली है।
बिहार में टीकाकरण का दैनिक औसत 78 हजार है जिसे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बढ़ाकर 6.6 लाख करना पड़ेगा। वहां की वयस्क आबादी के लिहाज से देखें तो शेष समय में बाकी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीकाकरण अभियान की दैनिक रफ्तार 8.4 गुना बढ़ाने की दरकार है। दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश ने अपनी व्यस्क आबादी के 38.1% को पहली डोज जबकि 7.9% को दूसरी डोज दे दिया है।
इस लिहाज से उसे दैनिक 18,000 डोज का मौजूदा औसत बढ़ाकर 41,000 (दोगुने से थोड़ा ज्यादा) करना होगा ताकि दिसंबर तक पूरी व्यस्क आबादी को कवर करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। केरल की 31% व्यस्क आबादी को पहली डोज लग चुकी है जबकि 8.1% व्यस्क आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। इस तरह वहां मौजूदा दैनिक औसत को 2.8 गुना बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी।












Click it and Unblock the Notifications