योगी का आदेश बेअसर! काशी में लाल बत्ती गाड़ी से घूमते रहे मंत्री
योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनते ही सबसे पहले लाल बत्ती गाड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। लेकिन राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी काशी में लाल बत्ती से घूमते रहे।
वाराणसी। जहां एक ओर सूबे की नई भाजपा सरकार के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को लालबत्ती इस्तेमाल न करने की हिदायत दी वहीं राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी पर उनकी इस हिदायत का असर नहीं दिखा। सूबे के राज्यमंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी का राज्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र व अपने गृह जनपद बनारस में प्रथम आगमन हुआ वो भी लालबत्ती के साथ। इस बाबत जब मंत्री से इस बारे में पूछा गया तो वे टालमटोल करने लगे। तो वहीं बनारस की जनता में इस बात की चर्चा जोरों पर थी।

वाराणसी के दो विधायको को बनाया गया हैं राज्यमंत्री
मोदी के शहर काशी से इस विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद मोदी मन्त्र के अचूक सफलता के बाद आठों सीटो पर कमल खिलने के बाद योगी राज में दो विधायकों को राज्यमंत्री बनाया गया है। टीम योगी के वाराणसी के शिवपुर विधानसभा के विधायक अनिल राजभर को (सैनिक कल्याण, खाद्य प्रसंस्करण, होमगार्डस, प्रांतीय रक्षक दल, नागरिक सुरक्षा) और वाराणसी के शहर दक्षिणी के विधायक नीलकण्ठ तिवारी, जिन्हें सिटिंग विधायक श्यामदेव का टिकट काट कर विधायक बनाया गया है, उन्हें विधि-न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण का राज्य मंत्री बनाया गया है।

अनिल राजभर ने तो कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने में भाजपा के शिष्टाचार को परिचय दिया पर नीलकण्ठ जी ये भूल गए की माननीय सीएम ने लाल बत्ती का इस्तेमाल करने से मना किया हैं।

पूरे विधानसभा में हुआ जोरदार स्वागत
सड़क मार्ग से वाराणसी पहुचने वाले नीलकंठ तिवारी का वाराणसी की सीमा में प्रवेश करते ही बाबतपुर से ही जोरदार स्वागत शुरू हो गया था। जिसके बाद कचहरी , मैदागिन चौराहा, नीचीबाग, चुनाव कार्यालय, चौक, विश्वनाथ मंदिर पास, गोदौलिया चौराहे, गिरजाघर, लक्सा, रथयात्रा, होते हुए गुलाबबाग पार्टी ऑफिस पहुंचे जहां स्वागत के बाद नीलकण्ठ तिवारी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित भी किया।












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