वोट तेरे कितने नाम, अखिलेश का लैपटॉप और प्रियंका गांधी की स्कूटी
लखनऊ, 23 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की चुनावी लीला में मुफ्त की राजनीति। कभी अखिलेश यादव ने मुफ्त टैबलेट- लैपटॉप का पासा फेंका था। अब प्रियंका गांधी ने लड़कियों को मुफ्त स्मार्ट फोन और स्कूटी देने का वायदा किया है। वोट तेरे कितने नाम ?

क्या स्मार्ट फोन और स्कूटी योजना का अंजाम भी टैबलेट-लैपटॉप योजना की तरह ही होने वाला है ? सपने दिखाओ और वोट पाओ। लेकिन पब्लिक भी नेताओं की फितरत जानती है। 2017 में अखिलेश यादव ने सब्जबाग दिखाया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो 18 साल से ऊपर के नौजवानों को मुफ्त स्मार्ट फोन दिया जाएगा। लेकिन मतदाताओं ने इस हवा हवाई योजना की हकीकत समझ ली और अखिलेश यादव को सत्ता से बेदखल कर दिया। अब प्रियंका गांधी स्कूटी पर सवार हो कर सत्ता की मुराद पूरा करना चाहती हैं।

प्रियंका की स्कूटी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस हाशिये पर पड़ी है और मुश्किल से सांसें ले पा रही है। 2017 के विधानसभा चुनाव में उसे सिर्फ 7 सीटें मिली थीं। वह भी तब जब सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी ने उससे चुनावी समझौता किया था। सपा ने कांग्रेस को 403 में से 105 सीटें दी थीं। 105 सीटों पर लड़ कर कांग्रेस केवल 7 सीटें ही जीत पायी। उस समय राहुल गांधी ने खूब पसीना बहाया था। प्रशांत किशोर जैसे दिग्गज भी उनके साथ थे। लेकिन इन सब के बावजूद कांग्रेस दो अंकों का आंकड़ा नहीं छू पायी। 2012 में कांग्रेस ने 28 सीटें जीती थीं। तो क्या 2022 में प्रियंका स्कूटी का पासा फेंक कर 7 से सीधे 202 पर पहुंच जाएंगी ? कोई चमत्कार हो तभी ऐसा मुमकिन है। प्रियंका गांधी ने यूपी चुनाव जीतने के लिए इस बार महिला कार्ड खेला है। उन्होंने चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने का वायदा किया है। बारहवी पास लड़कियों को स्मार्ट फोन और बीए पास लड़कियों को स्कूटी देने की घोषणा की है। उनका सबसे बड़ा चुनावी वायदा 20 लाख लोगों को सरकारी रोजगार देने का है। नेता इतनी बड़ी-बड़ी घोषाणाएं करते हैं लेकिन क्या वे इसे पूरा कर पाते हैं ?

क्या अखिलेश ने टैबलेट-लैपटॉप देने का वादा पूरा किया था ?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अखिलेश यादव मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र में मुफ्त टैबलेट और लैपटॉप देने का वादा किया था। सपा को बहुमत मिला और वे कुर्सी पर बैठे। उन्होंने हाईस्कूल पास छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट और इंटर पास करने वालों को लैपटॉप देने की घोषणा की। 2012 में हाईस्कूल पास करने वालों की संख्या करीब 29 लाख 80 हजार थी। 2013 में 28 लाख 86 विद्यार्थी हाईस्कूल पास हुए थे। करीब 58 लाख विद्यार्थियों को टैबलैट मिलना चाहिए था। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 2012 में हाईस्कूल पास करने वाले छात्रों ने 2014 में इंटर पास कर लिया और वे लैपटॉप के दावेदार हो गये। 2012, 2013 और 2014 में इंटर पास करने वाले छात्रों की संख्या 60 लाख के पार हो गयी थी। सरकार के वायदे को मुताबिक इन सभी को लैपटॉप मिलना चाहिए था।

वादा पूरा नहीं करने का नतीजा
2014 में 60 लाख में से केवल 14.08 लाख छात्र-छात्राओं को ही मुफ्त लैपटॉप मिला पाया था। इस मद में सरकार को 2700 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे। 2016 में सपा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने 25 लाख मुफ्त लैटटॉप वितरण का दावा किया था। अगर मान लिया जाय कि 2014 से 2016 के बीच 40 लाख और छात्रों ने इंटर पास कर लिया होगा तो लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या एक करोड़ पार गयी होगी। यानी 75 फीसदी दावेदारों को मुफ्त लैपटॉप नहीं मिला। 2018 में बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया था कि अखिलेश के शासन काल में जनता के पैसे का दुरुपयोग कर पक्षपातपूर्ण तरीके से लैपटॉप बांटा गया था। लाभ लेने वाले या तो सपा कार्यकर्ताओं के बच्चे थे या फिर उनसे जुड़े हुए लोग। जिन बच्चों को मुफ्त लैपटॉप नहीं मिला उनकी संख्या बहुत अधिक थी। इंटर पास करने वाले अधिकतर छात्र 18 साल की उम्र पूरा करने के बाद वोटर बन चुके थे। उनके परिजन भी नाराज थे। इसलिए जब 2017 में अखिलेश यादव ने स्मार्ट फोन देने का चुनावी वादा किया तो किसी को भरोसा नहीं हुआ। लैपटॉप नहीं मिलने का गुस्सा पहले से था। जब चुनाव का नतीजा निकला तो अखिलेश की समाजवादी पार्टी 224 से 47 पर लुढ़क गयी।

प्रियंका गांधी का दांव
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी को सीएम चेहरा तो नहीं बनाया है कि लेकिन ये साफ है कि वह उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ने वाली है। प्रियंका ने हिन्दुत्व के बाद अब 'फ्री फंड' वाली राजनीति का दांव खेला है। उनकी सात प्रतिज्ञा में सबसे प्रमुख है किसानों का पूरा कर्जा माफ । कोरोना काल का बकाया बिजली बिल पूरा माफ होगा। स्मार्ट फोन देने की बात पर कुछ भरोसा तो किया भी जा सकता है लेकिन वे ग्रेजुएट लड़कियों को स्कूटी कहां से देंगी ? मोटेतौर पर एक स्कूटी की औसतन कीमत 70 हजार रुपये होती है। जब अखिलेश यादव चौबीस पच्चीस हजार रुपये का लैपटॉप नहीं दे पाये तो प्रियंका गांधी स्कूटी कैसे बांट पाएंगी ? 20 लाख लोगों को सरकारी रोजगार देने का वादा तो पत्थर पर दूब उगाने की तरह है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 19 लाख लोगों को रोजगार देने का चुनावी वायदा किया था। अगर यह वायदा पूरा किया गया होता तो क्या बिहार के लोग रोजगार के लिए जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत राज्य में जाते ? जाहिर है इतने बड़े-बड़े वादे केवल लुभाने के लिए होते हैं। इनका हकीकत से शायद ही वास्ता होता है।
-
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Petrol Diesel Price: आपके शहर में कितना सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल? ₹10 की कटौती के बाद ये रही नई रेट लिस्ट -
Iran Vs America War: कब खत्म होगा अमेरिका ईरान युद्ध, ट्रंप के विदेश मंत्री ने बता दी तारीख -
Israel-Iran War: होर्मुज के बाद अब लाल सागर बंद करने की तैयारी, ईरान के खतरनाक प्लान लीक, भारत पर क्या असर? -
Delhi Power Cut: विकेंड पर दिल्ली के आधे हिस्से में 'ब्लैकआउट', शनिवार को इन पॉश इलाकों में नहीं आएगी बिजली -
PM Kisan Yojana: 31 मार्च से पहले कर लें यह काम, वरना अटक जाएगी पीएम किसान की अगली किस्त -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के गिरे भाव, निवेशकों का चढ़ा पारा, जाने मुंबई में कहां पहुंचा रेट? -
LPG Price Today: 1 अप्रैल से बढ़ने वाले हैं सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta March 28: आज के मैच का टॉस कौन जीता- RCB vs SRH -
Aaj Ke Match Ka Toss Kitne Baje Hoga 28 March: आज के मैच का टॉस कितने बजे होगा- RCB vs SRH












Click it and Unblock the Notifications