मिट्टी के पुतले को बीवी बनाकर साथ सोता था चाचा, भतीजे का मर्डर कर हुआ फरार
मिर्जापुर। घर में सुबह खेलते-खेलते एक आठ वर्षीय बच्चा गायब हो गया। शंकावश परिजन विक्षिप्त चाचा के कमरे में तलाशी ली तो पुआल के नीचे शव बरामद हुआ। विक्षिप्त चाचा अपने ही सगे भतीजे की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को मड़हे में छुपाकर गायब हो गया। बगल में महिला का मिट्टी से बना पुतला भी मिला जिसे विक्षिप्त चाचा पत्नी के छोड़कर जाने के बाद कमरे में रखा था। मामला मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के बसारी गांव का है। घटना से पूरा गांव में कोहराम मच गया। एकलौते बेटे की मौत से परिवार के सदस्य स्तब्ध हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।

माता-पिता घर लौटे तो बालक गायब था
गांव के लियाकत अली पत्थर मजदूर हैं। वह हर दिन की तरह शनिवार की सुबह पास की सोनपुर पहाड़ी पर पत्थर तोड़ने चले गए। घर पर उनकी पत्नी और एकलौता बेटा 8 वर्षीय समीर अली और उनकी बहन तहरून मौजूद थीं। समीर सुबह नौ बजे घर के पास में खेलने के लिए निकला था। उसके बाद घर लौटकर नहीं आया। दोपहर तक उसका पता न चलने पर उसकी मां सहित परिवार के अन्य सदस्य और गांव के लोग परेशान हो गए। आस-पास में खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कहीं पता नहीं चला तो तहरून सोनपुर पहाड़ पर जाकर अपने भाई व समीर पति पिता लियाकत को बुलाकर लायी। तब तक रिश्तेदार भी जुट गए थे।
चाचा के मड़हे में मिला बालक का शव
पूरे दिन तालाब, कुआं सहित अन्य स्थानों पर खोजबीन के बाद भी बालक का कहीं पता नहीं चला। इससे परिवार के लोग हैरान हो गए। रात में आठ बजे के करीब लोगों ने आशंका बस लियाकत के सगे विक्षिप्त भाई की दस गुण आठ के मड़हे में जाकर देखा तो वहीं से बालक का शव पुआल के नीचे दबाकर रखा हुआ बरामद हुआ। रात में परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी थी। शनिवर की सुबह पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया। मृतक समीर के पिता लियाकत ने अपने सगे भाई व विक्षिप्त कयामुद्दीन के खिलाफ बेटे के गला दबाकर हत्या करने का केस दर्ज कराया। पुलिस मामले के आरोपी की खोजबीन में जुटी है। थानाध्यक्ष वैभव सिंह का कहना है कि जल्द ही आरोपी विक्षिप्त को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घटना के बाद से ही गायब है हत्यारोपी चाचा
अहरौरा थाना क्षेत्र के बसारी गांव में अपने ही सगे आठ वर्षीय भतीजे की हत्या करने के बाद चाचा कयामुद्दीन गायब हो गया है। गांव के लोगों और परिवार के सदस्यों की मानें तो उसे दस बजे तक अपने मड़हे के पास देखा गया था। उसके बाद वह कब और कहां गया, इसका पता नहीं चल पाया। बालक के गायब होने के बाद जब परिवार के सदस्य उसकी खोजबीन में जुटे तब भी उसके मड़हे की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। सब जगह खोजबीन में मिली असफलता के बाद परिवार के सदस्यों का ध्यान विक्षिप्त कयामूद्दीन पर गया तब लोग उसकी खोजबीन करने लगे। तब जाकर पता चला कि वह भी अपने मड़हे में मौजूद नहीं है।
पत्नी के छोड़कर चले जाने के बाद हुआ विक्षिप्त
अहरौरा थाना क्षेत्र के बसारी गांव में अपने सगे आठ वर्षीय भतीजे की हत्या का आरोपित कायमूद्दीन पत्नी के छोड़कर चले के बाद से ही विक्षिप्त हो गया है। वह दस गुणे आठ के मड़हा में ही रहता है। पूरे दिन गांव में घूमता रहता है। बालक की हत्या के बाद जब उसके मड़हे में जाकर देखा गया तो पता चला कि वह एक मिट्टी का महिला का पुतला बनाकर रखा है। उसी पुतले के पास में बालक के शव को भी सुलाकर रखा था बालक की हत्या का पूरा शक उसी पर है। बताया गया कि छह वर्ष पूर्व कयामद्दीन की शादी हुई थी। उसके नशे में धुत रहने और दूसरी गलत आदतों के कारण पत्नी हमेशा परेशान रहती थी। इसलिए वह उसे छोड़कर चली गई और उसके बाद से ही कयामूद्दीन मानसिक रोगी हो गया।
लियाकत को एकलौता बेटा था समीर
अहरौरा थाना क्षेत्र के बसारी गांव निवासी लियाकत अली को बहुत मान-मनौती के बाद एकलौता पुत्र समीर अली पैदा हुआ था इसलिए पूरा परिवार उसे अपनी आंख के सामने से ओझल नहीं होने देता था। पिता मजदूरी करके भी अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए सपने बुनता रहता था। उसकी मां भी बच्चे को हमेशा अपने घर के आस-पास में ही खेलने की सलाह देती रहती थी। उनको क्या पता था कि उनका सारा जतन बेकार हो जाएगा और उसका बेटा उनसे हमेशा हमेशा के लिए दूर हो जाएगा।












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