वाराणसी: दो बागी नेताओं को भाजपा ने पार्टी से निकाला, वे लड़ रहे चुनाव
वाराणसी में दो बागी नेता भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय कैंडिडेट के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे थे। दोनों को पार्टी ने निकाल दिया है।
वाराणसी। बागी हुए बीजेपी नेताओं के ऊपर अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हुई है जहाँ बागी हो कर निर्दल चुनाव लड़ रहे दो नेताओं को बर्खास्त किया गया हैं।

कौन हैं बर्खास्त हुए ये नेता ?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विधानसभा क्षेत्रों मे जिस दिन से भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया उस दिन से ही टिकट के दावेदार अपनी नाराजगी खुल कर जाहिर कर रहे थे। ऐसे ही दो बड़े नाम जिसमें से एक शहर उत्तरी से भाजपा से बागी हो कर चुनाव लड़ रहे सुजीत सिंह टीका थे, जो भाजपा के किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री के पद पर थे। दूसरे बड़े नेता विभूती नारायण राय थे जो काफी दिनों से सेवापुरी से टिकट की दावे दारी कर रहे थे लेकिन गठबंधन की वजह से अपना दल के नील रत्न पटेल को यह सीट थमा दिया गया। दोनों नाराज नेताओं चुनाव में अपना दल ( कृष्णा पटेल ) गुट से हाथ मिला के चुनावी समर मे ताल ठोक दिया। भाजपा ने दोनों को पार्टी से निकाल दिया।

क्या कहा बीजेपी नेता ने?
बीजेपी के काशी प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने बताया कि पार्टी ने इन्हें 6 साल के लिए निष्काषित किया है जिन्होंने पार्टी के नियम के विरुद्ध कार्य किया है जिसके लिए इनके ऊपर कार्रवाई हुई है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
अब ऐन मतदान के कुछ दिन पहले भाजपा ने बागियों पर कड़ा रूख अपनाने का फैसला किया और इन दोनो नेताओं को पार्टी से 6 साल के लिये बाहर कर एक संदेश दिया लेकिन ये कार्रवाई भाजपा के अंदर मचे घमासान और भीतरघात की आशंका को कितना कमजोर करेगी ये 11 तारीख़ को ही पता चलेगा।












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