यूपी: 1056 शिक्षकों की नौकरी पक्की, योगी सरकार ने दिए आदेश
लगभग साढ़े पांच साल से नौकरी पक्की होने की उम्मीद लगाए प्रशिक्षुओं ने आमरण अनशन तक शुरू कर दिया था। इस मसले को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है।
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग पर मेहरबान योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। मायावती की बसपा सरकार के दौरान चलन में आए ट्रेनी टीचर भर्ती प्रक्रिया में अटके फैसलों पर शासनादेश जारी किया है। इस आदेश से एक हजार से ज्यादा ट्रेनी टीचरों की नौकरी पक्की हो जाएगी। यानि की वो सरकारी प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक बन जाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 15 दिन के अंदर नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन समस्या ये है की इस समय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां चल रही है। ऐसे में स्कूल खुलने पर ही टीचर अपना कार्यभार ग्रहण कर पाएंगे लेकिन नियुक्ति पत्र उनके पास पहुंच जएगी।

65 हजार ट्रेनी टीचरों को मिली थी तैनाती
विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो इन बीते सालों में लगभग 65 हजार प्रशिक्षु शिक्षकों को सहायक अध्यापक बनाया जा चुका है। लेकिन सूबे की पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में ट्रेनी टीचर भर्ती पर एक्शन न लेने के चलते ये प्रक्रिया अधर में लटक गई। अब योगी सरकार ने ट्रेनी टीचरों की नौकरी पक्की करते हुए उन्हें बतौर सहायक अध्यापक बनाने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है की इस आदेश का लाभ 1056 ट्रेनी टीचरों को मिलेगा। ये सभी अब प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर तैनात किए जाएंगे। बता दें कि ट्रेनी टीचरों ने ये मामला कोर्ट में खींचा था। तब सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिसंबर 2015 को इन्हें बतौर सहायक अध्यापकों की मौलिक नियुक्ति देने के आदेश दिए थे।
अनशन लाया रंग
लगभग साढ़े पांच साल से पक्की नौकरी की उम्मीद लगाए इन प्रशिक्षुओं ने पक्की नौकरी के लिए आमरण अनशन तक शुरू कर दिया था। नतीजतन सरकार को इनकी मांगों को और गंभीरता से देखना पड़ा। योगी सरकार के इस फैसले के बाद 6 अप्रैल को सेमेस्टर परीक्षा पास करने वाले आठवें बैच के इन टीचरों को लाभ मिलेगा। वैसे 6 अप्रैल को जब रिजल्ट जारी हुआ था तभी से ही आठवें बैच के ये सभी ट्रेनी टीचर्स मौलिक नियुक्ति देने की मांग कर रहे थे। लेकिन इनकी नियुक्ति लटकी थी।
आलम ये हुआ की इन ट्रेनी टीचरों ने 15 मई से शिक्षा निदेशालय में बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के बाहर हंसराज वर्मा और करुणेश कुमार राजपूत के नेतृत्व में आमरण अनशन भी शुरू कर दिया था। इन दोनों अनशनकारियों की तबियत बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने 20 मई को दोनों को अस्पताल में भर्ती करा दिया था। अब इनकी मौलिक नियुक्ति का आदेश जारी होते ही ट्रेनी टीचरों के बीच जश्न का माहौल बना हुआ है।












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