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यूपी में खुलेआम बिक रहा है सिंथेटिक चावल, खाते ही लोग हो जा रहे बीमार

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बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सिंथेटिक चावल बेचे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस चावल के सेवन से बीमार हुए एक शख्स ने इसकी शिकायत जिला अधिकारी से की है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा टीम को संबंधित दुकान पर छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

गेंद की तरह उछलने लगे चावल

गेंद की तरह उछलने लगे चावल

मामला बलरामपुर जिले के भगवतीगंज बाजार का है जहां शंकर लाल प्रोविजन स्टोर नामक दुकान से पुराबटोला के रहने वाले सुशील मिश्रा ने 25 किलो "माखन भोग" चावल खरीदा था। इस चावल के 10 दिन के सेवन के बाद वह बीमार हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। 3 दिन बाद जब वह अस्पताल से वापस घर आया तो "तमाम चैनलों पर चल रही असली और नकली चावल पहचान करने की खबर" को देख कर उसे भी शंका हुई और उसने घर में बने चावल को चेक करने के लिए चावल के गोले बनाएं और उसे जमीन पर पटक कर देखने लगा। वह गोले चावल के थे लेकिन किसी गेंद से कम नहीं वह रबर की तरह उछल रहे थे। एक भी चावल उसमे अलग नहीं हो रहा था। जिसके बाद सुशील ने जिलाधिकारी कार्यालय में जाकर इस मामले में शिकायत दर्ज कराई।

व्यापारियों ने की अभद्रता

व्यापारियों ने की अभद्रता

जिलाधिकारी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा की टीम को तत्काल मौके पर जाकर संबंधित दुकान पर छापामारी करने व सिंथेटिक चावल के मुख्य स्रोत तक पहुंच कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर खाद्य सुरक्षा की टीम ने आनन-फानन में भगवती गंज बाजार स्थित शंकर लाल केसरवानी की दुकान पर छापेमारी और सैंपलिंग शुरू कर दी इसी दौरान दर्जनों की संख्या में व्यापारी इकट्ठा हो गए और उन्होंने अपने व्यापारी नेता ताराचंद्र अग्रवाल को भी मौके पर बुला लिया। ताराचंद्र अग्रवाल ने पहुंचते ही खाद्य सुरक्षा टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता शुरू कर दी साथ ही टीम को वहां से चले जाने की बात कही। टीम ने जब इसका विरोध किया तो ताराचंद्र अग्रवाल ने व्यापारियों को एकजुट कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान कोतवाली नगर की पुलिस भी वहीँ मौजूद थी लेकिन वह भी मूकदर्शक बनी रही।

किसी तरह निकली खाद्य सुरक्षा टीम

व्यापारियों के हंगामे को देखकर खाद्य सुरक्षा की टीम ने आनन-फानन में सैंपलिंग की और वहां से किसी तरह निकल सकी। पूरे मामले पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सैम्पलिंग कर ली गई है। सैंपल लैब में टेस्टिंग के लिए भेजे जाएंगे जिसकी रिपोर्ट करीब 40 दिन बाद आएगी रिपोर्ट में सिंथेटिक चावल होने की पुष्टि यदि होती है तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।

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English summary
synthetic rice is being openly sold in balrampur up
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