'मैंने कभी उनके लिए प्रचार नहीं किया', स्वामी प्रसाद मौर्य की हार के बाद संघमित्रा ने दी सफाई
लखनऊ, 11 मार्च: भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़कर समाजवादी पार्टी में गए स्वामी प्रसाद मौर्य को फाजिलनगर सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। फाजिलनगर सीट से बीजेपी के प्रत्याशी सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने जीत दर्ज कराई है। कुशवाहा ने 45,580 वोटों से स्वामी प्रसाद मौर्य को पराजित किया है। तो वहीं, अब स्वामी प्रसाद मौर्य की हार के बाद बेटी और भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य की सफाई सामने आई है। संघमित्रा मौर्य ने कहा कि उन्होंने कभी अपने पिता के लिए प्रचार नहीं किया।

पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी के टिकट पर फाजिलनगर सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। उनके सामने बीजेपी ने सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा को चुनावी मैदान में उतारा था। फाजिलनगर सीट पर 10 मार्च को आए नतीज एकदम चौंकाने वाले थे। दरअसल, इस सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने जीत दर्ज कराई है। कुशवाहा ने 45,580 वोटों से स्वामी प्रसाद मौर्य को पराजित किया है। सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा को 11,5,733 वोट मिले तो वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य को 70,153 वोट मिले।
45 हाजर वोटों से स्वामी प्रसाद मौर्य फाजिलनगर सीट पर चुनाव हार गए। स्वामी प्रसाद मौर्य की हार पर अब उनकी बेटी और भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने सफाई दी है। संघमित्रा मौर्य ने कहा, 'हार और जीत जनता पर निर्भर करती है। कहीं कोई कमी रह गई होगी चाहे वो पिताजी हों या पार्टी के अन्य शीर्ष नेता हों। जिसके कारण हमें ये परिणाम देखने को मिला। पिताजी के प्रचार में मैं नहीं गई थी।' संघमित्रा ने कहा कि एक बेटी होने के नाते पिता के साथ खड़ा होना हमारा फर्ज़ भी था। पिताजी ने जो निर्णय लिया और जनता ने जो निर्णय लिया उन दोनों के निर्णय को मैं स्वीकार करती हूं।'
Recommended Video
उन्होंने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि जिसके पास जनादेश है वह राजा है...संभव है कि मेरे पिता, अन्य नेता लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। मैंने कभी अपने पिता के लिए प्रचार नहीं किया, अगर मैंने किया तो मुझे सबूत दिखाओ। यूपी चुनाव के दौरान पिता एसपी मौर्य के समर्थन में खड़े होने के सवाल पर संघमित्रा मौर्य ने कहा कि जब मैं बाहर आई तो सभी ने देखा कि मैंने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और बेटी होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं अपने पिता के साथ खड़ा रहूं।












Click it and Unblock the Notifications