यूपी: ढोल नगाड़े के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुरू हुआ नामांकन, हार जीत तय करेगी पूर्वांचल में लोकसभा चुनाव की दिशा
इलाहाबाद। छात्र राजनीति का वैसे तो मुख्य राजनीति से कोई सीधा संपर्क नहीं होना चाहिए। लेकिन, गुजरे एक दशक से यूनिवर्सिटी में होने वाले छात्र संघ के चुनाव मे राजनीतिक दल सीधा हस्तक्षेप करते हैं। इसके लिए बकायदा राजनैतिक दलों को समर्पित छात्र संगठन बना दिए गए हैं और इनके सहारे ही छात्र राजनीति से राजनीतिक दल अपनी आधारशिला को मजबूती देते हैं। मौजूदा समय में छात्र संघ का चुनाव राजनीतिक दलों की साख का विषय बन गया है। इतना ही नहीं यहां पर होने वाली हार-जीत स्थानीय चुनावों को भी पूरी तरह से प्रभावित करती है और पिछले कई चुनाव इस बात को साबित भी कर चुके हैं।

फिलहाल इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है। जिसमें भाजपा को समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और समाजवादी पार्टी को समर्थित समाजवादी छात्र सभा व कांग्रेस को समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने अपना पूरा दमखम इस चुनाव को जीतने में लगा दिया है। चुनाव में सिर्फ छात्र संगठन ही नहीं मुख्य राजनीतिक दल के संगठन पदाधिकारी इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं और लगातार रणनीति उनके द्वारा ही तय की जा रही है। ऐसे में यह साफ है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में होने वाली हार-जीत आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्वांचल में होने वाले राजनीतिक दलों की दिशा को साफ तौर पर दर्शाने वाले है। क्योंकि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या पूर्वांचल का बखूबी प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में युवाओं की मंशा छात्र राजनीति में अब मुख्य राजनीतिक धारा की तरह ही प्रदर्शित होती है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ में जीत के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया है। पिछले कुछ चुनावों पर नजर डालें तो यूनिवर्सिटी में जिस छात्र संगठन की सरकार बनी थी उसके समर्थित दल ने ही स्थानीय राजनीति में अपना वर्चस्व बनाया था।
शुरू हुआ नामांकन
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए आज नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ढोल नगाड़ा के साथ प्रत्याशी समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे और उन्होंने नामांकन की प्रक्रिया पूरी की। हालांकि भारी सुरक्षा व बैरिकेडिंग के बीच लाव लश्कर को यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर ही रोक दिया गया और प्रत्याशी व उनके साथ प्रस्तावक को ही अंदर जाने की इजाजत दी गई। लेकिन, प्रत्याशियों का जुलूस पूरे जोश के साथ निकलता हुआ दिखाई दिया लेकिन भारी दबाव के चलते ना तो यूनिवर्सिटी प्रशासन और ना ही जिला प्रशासन उस पर कोई रोक लगा सका। आलम यह रहा की इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रत्येक हॉस्टल से सैकड़ों की संख्या में छात्र नेताओं का जुलूस नारेबाजी के साथ चला और अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन हुआ पर पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनकर सब कुछ देता रहा ।
यह है पैनल
अखिल भारती विद्यार्थी परिषद ने अतेंद्र सिंह को अध्यक्ष, विरेंद्र चौहान को उपाध्यक्ष, शिवम सिंह को महामंत्री, चंदन गुप्ता को संयुक्त मंत्री और अमित आनंदपाल को सांस्कृतिक सचिव के तौर पर अपना प्रत्यासी बनाया है। जबकि समाजवादी छात्र सभा ने उदय प्रकाश यादव को अध्यक्ष, मुनेश कुमार सरोज को उपाध्यक्ष, राहुल यादव को महामंत्री, सत्यम कुमार सिंह को संयुक्त सचिव के तौर पर अपने पैनल में जगह दी है।
क्या है पूरा कार्यक्रम
● नामांकन - 26 सितंबर 2018 को सुबह 10 से 2 बजे तक।
● नामांकन करने वालों की सूची का प्रकाशन - 26 सितंबर 2018 शाम 5 बजे चस्पा की जायेगी।
● नाम वापसी/नामांकन पत्रों पर आपत्ति - 27 सितंबर 2018 10 से दो बजे तक ।
● प्रत्याशियों की अनंतिम सूची का प्रकाशन - 27 सितंबर 2018 को 4 बजे चस्पा की जायेगी।
● प्रत्याशियों की सूची वेबसाइट पर अपलोडिंग - 27 सितंबर को ही 5 बजे तक।
● अंतिम सूची पर आपत्तियां - 28 सितंबर को 10 से 2 बजे तक की जा सकेंगी।
● नामांकन पत्रों की जांच - 29 सितंबर को सुबह 10 से 4 बजे तक होगी।
● प्रत्याशियों की अंतिम सूची का प्रकाशन - 30 सितंबर शाम 5 बजे चस्पा होगी व वेबसाइट पर भी अपलोड होगी।
● दक्षता भाषण - छात्रसंघ चुनाव की सबसे अहम कड़ी माने जाने वाला अध्यक्षता भाषण इस बार 1 अक्टूबर को दोपहर में 12:00 बजे से शुरू होगा और दक्षता भाषण का क्रम अपराहन 3:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा ।
● चुनाव प्रचार - 3 व 4 अक्तूबर।
● मतदान - पांच अक्टूबर सुबह 8 से 2 बजे तक होगा।
● मतगणना - 5 अक्टूबर को ही शाम 5 बजे से होगी।
● रिजल्ट - मतगणना पूरी होने के बाद 5 अक्टूबर की देर रात रिजल्ट जारी होगा।
● शपथ ग्रहण - 6 अक्टूबर को दिन में 11 बजे से छात्रसंघ भवन पर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा।












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