मोहम्मद जुबैर के खिलाफ 5 जिलों में दर्ज मामलों की जांच करेगी SIT, जानिए योगी सरकार ने किसको सौंपी कमान
लखनऊ, 12 जुलाई : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज छह मामलों की पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जुबैर वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। दिल्ली पुलिस ने उसे 2018 में एक ट्वीट के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए उसके खिलाफ प्राथमिकी के सिलसिले में 27 जून को गिरफ्तार किया था। योगी सरकार ने आईजी प्रीतिंदर सिंह को इसका अध्यक्ष बनाया है।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार के मुताबिक, एसआईटी से त्वरित जांच और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है। टीम जुबैर के खिलाफ हाथरस, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में दर्ज सभी छह मामलों की निगरानी और जांच करेगी। उन्होंने कहा कि हाथरस में दो मामले दर्ज किए गए जबकि गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में एक-एक मामला दर्ज किया गया था।
आईजी प्रीतिंदर सिंह को एसआईटी की कमान
एसआईटी के अध्यक्ष आईजी (जेल) प्रीतिंदर सिंह और डिप्टी आईजी अमित वर्मा इसके सदस्य हैं। कुमार ने कहा कि दो अधिकारियों में एएसपी, डिप्टी एसपी और इंस्पेक्टर सहित अन्य सदस्य शामिल होंगे। यूपी पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जेल प्रशासन और सुधार विभाग में तैनात इंस्पेक्टर जनरल डॉ प्रीतिंदर सिंह को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पुलिस उप महानिरीक्षक अमित वर्मा एसआईटी के सदस्य हैं। प्रीतिंदर 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्मा, जो 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, वर्तमान में यूपी पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) विभाग में तैनात हैं।
जुबैर के खिलाफ कई धाराओं में दर्ज हैं मामले
जुबैर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक न्यूज चैनल एंकर के खिलाफ कथित रूप से व्यंग्यात्मक टिप्पणी करने, हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने, देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और भड़काऊ पोस्ट अपलोड करने के मामले दर्ज हैं। दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न आरोपों पर मामले दर्ज किए गए हैं।
अभी तक दाखिल नहीं हुई है चार्जशीट
अभी तक किसी भी मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। सोमवार को लखीमपुर खीरी की एक स्थानीय अदालत ने जुबैर को कथित तौर पर दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में दर्ज एक मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जुबैर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लखीमपुर खीरी कोर्ट में पेश हुए। इस बीच, लखीमपुर खीरी पुलिस ने जुबैर की 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए एक आवेदन दिया। अदालत 13 जुलाई को उसकी हिरासत की मांग करने वाली पुलिस की याचिका पर सुनवाई करेगी। लखीमपुर खीरी में मामला पिछले सितंबर में अदालत के निर्देश पर दायर किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications