• search

VIDEO: अस्पताल की ऐसी बदहाली कि मरीज का ठेले पर हो रहा है इलाज

By Gaurav Dwivedi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    हरदोई। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के दावे करने में लगी हुई है और दूसरी तरफ जिले के सरकारी अस्पताल अपनी व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी का ही रोना रो रहे हैं। सरकार के सभी दावों और वादों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। ताजा मामला हरदोई के जिला अस्पताल का है जहां एक मरीज का इलाज ठेले पर हो रहा है। ये वाक्या कोई नया नहीं है बल्कि आए दिन यहां मरीजों को बेड और स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराए जाते हैं।

    अस्पताल की ऐसी बदहाली कि मरीज का ठेले पर हो रहा है इलाज

    मरीजों को जमीन पर लेटने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हद तो तब हो गई जब एक मरीज को उसके परिजन ठेले पर लेटाकर ब्लड बैंक तक का सफर तय करते हैं और ठेले पर लिटाए ही तपती गर्मी में उसका इलाज करवाने को मजबूर होते हैं।

    हरदोई के जिला अस्पताल की खस्ता हालत पर किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है। जिले की शहर कोतवाली क्षेत्र से आए एक मरीज दीपक (26) का इलाज ठेले पर होता नजर आया। इस मामले के बाद कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से इनकार कर रहा है। तो वहीं आईसीयू वॉर्ड में लाइट का अता-पता नहीं। मरीजों का गर्मी से हाल बेहाल है। रोशनी के लिए मोमबत्ती का सहारा लिया जा रहा था।

    वहीं जले हुए मरीज गर्मी की वजह से वॉर्ड के बाहर बैठे नजर आए तो अंदर तो उससे भी ज्यादा हालत खराब थे। मरीज के तिमारदार यहां हाथ के पंखे का इस्तेमाल कर रहे हैं। कागजों पर अस्पताल में 24 घंटे लाइट आ रही है और जनरेटर भी चल रहा है पर जमीनी हकीकत कुछ और दिखी। जब हमने इसकी जानकारी आला अधिकारियों से लेनी चाही तो कोई भी इस पर बोलने को तैयार नहीं हुआ।

    देखिए बदहाली के VIDEO...

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Shameful Hospital Condition in UP

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more