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पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद सरस्वती को रेप मामले में अदालत ने जारी किया जमानती वारंट

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शाहजहांपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती पर लगे रेप के आरोप मे अब कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को 12 जुलाई को कोर्ट मे पेश होना है। अगर वह आगे भी पेशी पर नहीं पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो सकता है। आपको बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद की शिष्या ने ही उनके ऊपर रेप का आरोप लगाया था। वहीं प्रदेश सरकार ने चिन्मयानंद पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने का फैसला लिया था। जिसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन पीड़िता ने आपत्ति दाखिल कर दी थी। फिलहाल अब देखना होगा कि क्या स्वामी चिन्मयानंद 12 जून को कोर्ट मे पेशी पर जाते है या नहीं।

shahjahanpur non bailable warrant issued against rape accused chinmayananda saraswati

दरअसल स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती पर उनकी ही शिष्या ने 2011 मे रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली मे कई गंभीर धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन मामला तब तूल पकड़ा जब प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले स्वामी चिन्मयानंद पर लगे रेप केस को वापस लेने का फैसला किया था लेकिन इस फैसले का पीड़िता ने विरोध किया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पीड़िता ने कोर्ट मे एक याचिका लगाई थी जिसमे कहा गया था कि सरकार ये मुकदमा वापस नहीं ले सकती है। चूंकि ये मामला व्यक्तिगत है।

पीड़िता की याचिका की सुनवाई का आदेश कोर्ट ने दिया और कोर्ट ने आरोपी स्वामी चिन्मयान्नद 24 मई को कोर्ट मे पेश होने का आदेश दिया था लेकिन आज स्वामी चिन्मयानंद कोर्ट मे पेश नहीं हुए और कोर्ट ने इसे अपनी अवहेलना मानते हुए जामनती वारंट जारी कर दिया है। अब कोर्ट ने आगे की तारीख 12 जुलाई मुकर्रर की है। अब देखना होगा कि क्या स्वामी चिन्मयान्नद कोर्ट मे पेश होते है या नहीं। जानकारों की माने तो अगर जमानती वारंट जारी होता है तो अगली तारीक पर आरोपी को हर हाल मे पेश होना होता है। अगर उस तारीख पर पेश नहीं हो पाते है तो कोर्ट गैर जमानती वारंट भी जारी कर सकता है।

आपको बता दें कि 2011 मे पूर्व केंद्रीय ग्रह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयान्नद सरस्वती पर उनकी ही शिष्या ने रेप का आरोप लगया था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर चौक कोतवाली मे मुकदमा भी दर्ज कर लिया था। लेकिन स्वामी चिन्मयानंद का राजनीति मे ऊंचा कद होने के कारण इस मुकदमे मे आरोपी चिन्मयानंद पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। राजनीति मे ऊंचा रसूख होने के कारण कोई अधिकारी जांच करने तक से घबरा रहा था। यही वजह थी इस मुकदमे की 11वीं बार जांच बदली गई।

कुछ जांच अधिकारियों ने जांच करने से इंकार कर दिया तो कुछ पर पीड़िता को भरोसा नहीं था। ऐसे मे इस मुकदमे में ढील दी जाती रही लेकिन अब जब प्रदेश सरकार ने स्वामी चिन्मयान्नद पर लगे रेप के आरोप को वापस लेने का निर्णय लिया तो पीड़िता ने इसका विरोध किया। पीड़िता ने इस फैसले के विरोध मे सीजेएम कोर्ट मे एक याचिका दाखिल की थी। उसमे पीड़िता ने अपनी जान का खतरा भी बताया था। पीड़िता की याचिका का संज्ञान लेते हुए कोर्ट सुनवाई को राजी हो गई और 24 मई की तारीख मुकर्रर की गई थी। जिसमे रेप के आरोपी स्वामी चिन्मयान्नद को पेश होना था लेकिन आज चिन्मयान्नद पेश नहीं हुए।

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shahjahanpur non bailable warrant issued against rape accused chinmayananda saraswati
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