• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

सुरक्षित सीटों के लिए BSP ने तैयार किया प्लान, जानिए किन सीटों को साधने की मिली सतीश मिश्रा को जिम्मेदारी

|
Google Oneindia News

लखनऊ, 08 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले सभी दल अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। बीजेपी और सपा के बाद अब बसपा ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यूपी की सुरक्षित सीटों को जीतने की अपनी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए बसपा ने पअने कद्दावर नेता सतीश चंद्र मिश्रा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी शुरुआत पश्चिमी की 21 सीटों से होगी जहां कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इन सीटों पर अब ब्राह्मण सम्मेलनों की शुरूआत मिश्रा की ओर से की जाएगी।

सतीश चंद्र मिश्रा

दरअसल2007 में सत्ता में लाने वाले अपने सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को दोहराने के लिए पिछले कुछ महीनों में राज्य भर में प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित करने के बाद, बसपा अब अपना ध्यान आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों पर केंद्रित कर रही है, जहां उच्च जाति के वोट निर्णायक कारक निभाते हैं। पार्टी महासचिव और प्रमुख ब्राह्मण चेहरे सतीश चंद्र मिश्रा अब सभी 86 आरक्षित सीटों का दौरा करना शुरू कर देंगे, जिसका उद्देश्य बसपा के पक्ष में महत्वपूर्ण वोटों को झुलाना है।

बसपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि, "मिश्रा जी के आने वाले दिनों में इन निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा शुरू करने की उम्मीद है। मायावती ने हाल ही में सभी 86 आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के अध्यक्षों की बैठक कर उनके लिए रणनीति तैयार की थी. उन्होंने कहा कि एससी मिश्रा और उनकी टीम को इन सीटों पर सवर्ण जातियों खासकर ब्राह्मणों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी जाएगी. चुनाव प्रचार का यह दौर इसी योजना के तहत है।'

पार्टी के पदाधिकारी की माने तो सतीश मिश्रा यूपी में लगभग 20 दिनों के अभियान में पर निकलेंगे। इस दौरान हर तीन विधानसभाओं को मिलाकर एक बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी बनायी गई है। इसकी शुरूआत हाथरस, बिजनौर, हापुड़ और आगरा से की जाएगी।

मायावती

1999 मे ंसबसे अधिक सीटों पर जीती थी बसपा

आरक्षित सीटों पर पार्टी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1999 में था जब उसने 17 आरक्षित सीटों में से पांच पर जीत हासिल की और फिर 2007 में इस उपलब्धि को दोहराया। एक पार्टी कार्यकर्ता ने कहा, "इस बार, हम इन निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों क्षेत्रों पर अधिक से अधिक जीतने के लिए ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"

अभियान के विवरण पर अभी काम किया जा रहा है, मिश्रा की पत्नी कल्पना ने भी महिलाओं की बैठकें शुरू कर दी हैं, जबकि 28 नवंबर को बालमऊ में एक युवा सम्मेलन की योजना बनाई गई है। मायावती ने ओबीसी को पार्टी में प्रमुखता देते हुए मानवेंद्र आजाद मौर्य को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है. मौर्य, जो हाल तक आज़ाद भारत पार्टी (डेमोक्रेटिक) का नेतृत्व कर रहे थे, ने हाल ही में अपनी पार्टी का बसपा में विलय कर दिया था।

यह भी पढ़ें-PM मोदी के Laal Topi वाले बयान पर अखिलेश का पलटवार, बोले- BJP भावनाओं को नहीं समझतीयह भी पढ़ें-PM मोदी के Laal Topi वाले बयान पर अखिलेश का पलटवार, बोले- BJP भावनाओं को नहीं समझती

English summary
Satish Mishra made game plan on 21 seats of Western UP
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X