Sambhal: संभल में शाही जामा मस्जिद के पास कुएं की खुदाई शुरू, भारी पुलिस जाब्ता तैनात
Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल प्रशासन ने बुधवार को शाही जामा मस्जिद के पास अवैध कब्जों के नीचे दबे एक प्राचीन कुएं की खुदाई शुरू की। यह कुआं कोट गर्वी क्षेत्र में स्थित है और विवादित शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर से लगभग 50 मीटर की दूरी पर है। इसे क्षेत्र के 19 प्राचीन कुओं में से एक माना जा रहा है।
कुएं का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह कुआं धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया कि यह कुआं हरिहर मंदिर के पास स्थित है। यह एक पूजनीय स्थल था। जहां लोग शुभ अवसरों, जैसे जन्म या शादी के समय, पूजा के लिए आते थे। समय के साथ इसे ढक दिया गया और इसका मूल स्वरूप बदल दिया गया। अब इसकी खुदाई इसे फिर से उसके ऐतिहासिक रूप में बहाल करेगी।

प्रशासन ने अवैध कब्जों को हटाकर खुदाई शुरू की
अपर पुलिस अधीक्षक शिरीष चंद्र ने बताया कि खुदाई स्थानीय निवासियों की शिकायत पर शुरू की गई है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कुएं को अवैध रूप से ढककर उस पर कब्जा कर लिया गया था। इसे बहाल करने के लिए खुदाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगे की जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कुआं ऐतिहासिक महत्व रखता है तो एएसपी ने बताया कि स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों के अनुसार यह कुआं सदियों पुराना है। खुदाई के दौरान और जानकारी जुटाई जाएगी। प्रशासन की यह पहल जिले भर में प्राचीन संरचनाओं और धरोहर स्थलों को संरक्षित करने के प्रयासों का हिस्सा है।
शाही जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर विवाद
संभल में 19 नवंबर को शाही जामा मस्जिद का अदालत द्वारा आदेशित सर्वे किया गया था। जिसमें दावा किया गया था कि यहां पहले हरिहर मंदिर था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। 24 नवंबर को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा हुई। पथराव और आगजनी की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
प्राचीन कुएं की बहाली से उम्मीदें
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस कुएं की खुदाई और बहाली से क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आगे किसी भी विवाद से बचने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।












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