ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर स्कूल से निकाला, टीचर ने खाया जहर

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सहारनपुर। शहर के एक जाने-माने इंग्लिश मीडियम स्कूल के संगीत टीचर ने धर्म परिवर्तन को दबाव बनाने पर नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। संगीत टीचर ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमे मौत का जिम्मेदार स्कूल के स्टाफ और मैनेजमेंट को बताया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पीड़ित रामलीला में श्रीराम का किरदार भी निभाता है।

ईसाई धर्म नहीं अपनाने पर स्कूल से निकाला, टीचर ने खाया जहर

शनिवार को लेबर कॉलोनी निवासी संजीव आर्यन ओजपुरा के निकट स्थित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में बतौर संगीत टीचर कार्यरत था। शनिवार सुबह उसने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। विश्व हिंदू परिषद का संपर्क प्रमुख दिनेश व परिजन उसे जिला अस्पताल लाए जहां उसने बताया कि उस पर स्कूल में स्टाफ और मैनेजमेंट जबरन धर्म परिवर्तन को दबाव बना रहा था।

संजीव आर्यन लेबर कालोनी में आयोजित होने वाली श्रीरामलीला मंचन में भगवान श्रीराम का किरदार निभाता है। उसका आरोप है कि स्कूल में उस पर उसे ईसाई धर्म कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था और जब उसने इससे इनकार किया, तो उसे बिना नोटिस दिए और उसकी दो माह की सैलरी भी रोक कर उसे नौकरी से हटा दिया गया है।

इस उत्पीड़न से परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया है और उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, इसमें भी उसने धर्म परिवर्तन पर दबाव बनाने पर ही आत्महत्या जैसा कदम उठाए जाने और इसके लिए स्कूल स्टाफ व मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस से कार्यवाही की भी मांग की। फिलहाल पुलिस को भी इस बाबत सूचना दी गई है और शिक्षक का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था।

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English summary
saharanpur teacher attempted suicide, says management forced to change religion
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