डॉक्टरों ने मरीज को घंटों तड़पता छोड़ा, मौत के बाद हुआ बवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि घंटों मरीज बरामदे में तड़पता रहा। बहुत अनुरोध करने पर डॉक्टर के बदले इमरजेंसी विभाग के कर्मचारी ने स्ट्रेचर पर ही इलाज शुरू कर दिया।
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल में हार्ट अटैक का एक मरीज घंटों इलाज के लिए तड़पड़ा रहा लेकिन किसी डाक्टर ने उसे देखने की जहमत तक नहीं उठाई। बहुत देर बाद अस्पताल कर्मियों ने स्ट्रेचर पर ही उसका इलाज शुरू किया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

चकेरी थाना क्षेत्र के हरजेंदर नगर निवासी हरीशचन्द्र चौधरी (65) को मंगलवार शाम अचानक दिल में दर्द हुआ। परिजन उन्हें कार्डियोलॉजी अस्पताल लेकर आये। परिजनों का आरोप है कि यहां पर घंटों मरीज बरामदे में तड़पता रहा और बहुत अनुरोध करने पर डाक्टर के बजाय इमरजेंसी विभाग के कर्मचारी ऋषभ ने भर्ती करने के बजाय स्ट्रेचर पर ही इलाज शुरू कर दिया।
इलाज शुरु करने के 15 मिनट बाद ड्यूटी चेंज होने का बहाना बनाकर वह भी वहां से चला गया। कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गयी। इससे गुस्साये मरीज के परिजनों ने स्वास्थय कर्मीयों के साथ मारपीट कर दी और गुस्साए कर्मियों ने हड़ताल कर दी।
दो और ने तोड़ा दम
हड़ताल से स्वास्थय सेवायें बुरी तरह से प्रभावित हुयीं हैं। हड़ताल के बाद इमरजेंसी में लाये गये दो और मरीजों ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।
अस्पताल कर्मी ने दी तहरीर
अस्पताल कर्मी ऋषभ ने कल्याणपुर थाने में हरीशचन्द्र चौधरी के परिवार वालों के खिलाफ मारपीट का आरोप लगा तहरीर दी। इंस्पेक्टर देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है, जांच की जाएगी जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुकदमा हुआ दर्ज
अस्पताल में हंगामा करना व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप पर कार्डियोलॉजी निदेशक विनय कृष्णा ने स्वरूप नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हंगामा करने वालों की पहचान की जा रही है, पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।












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