राम रहीम 30 दिन बाद फिर जेल लौटा, अपने समर्थकों को बोला- मेरा ब्लड ग्रुप बदल गया है
बागपत। राम रहीम उम्रकैद की सजा भुगत रहा है। हालांकि, जेल प्रशासन उसे कई दफा पैरोल पर रिहा भी कर चुका है। 2 दिन पहले यानी कि 17 जुलाई तक वह 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर रहा। इस दौरान उसने अपने ठिकानों पर समर्थकों के बीच वक्त बिताया। साथ ही मुंहबोली बेटी हनी प्रीत के साथ भी नजर आया।
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फॉलोअर्स से राम रहीम ने किए अजीब दावे
राम रहीम ने अपने बागपत स्थित आवास से अपने अनुयायियों के साथ सवाल-जवाब का सेशन रखा। इंस्टाग्राम पर ऐसे ही एक लाइव सेशन के दौरान राम रहीम ने अपने फॉलोअर्स को बताया कि, उसका ब्लड ग्रुप O+ से O- कर दिया गया है। हालांकि, अपने इस अजीब दावे को सही ठहराने के लिए उसने कोई सबूत या मेडिकल डॉक्यूमेंट नहीं दिखाया। वैसे भी कित्सकीय रूप से, किसी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप जीवन भर कभी नहीं बदलता है, इसके अलावा वास्तव में असाधारण मामलों जैसे कि जब मरीज अस्थि-मज्जा ट्रांसफर कराते हैं या कैंसर का उपचार करा रहे होते हैं तो भी कोई स्थायी परिवर्तन नहीं होता है। हालांकि, राम रहीम ने साफ कहा है कि, मेरा ब्लड ग्रुप बदल गया है।

'8 साल की उम्र में ट्रैक्टर चलाना सीख गया था'
डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरू, जिन्हें शाह सतनाम सिंह कहा जाता है, का जिक्र आया तो राम रहीम कहा कि, मैं उन्हें नहीं त्याग सकता। वह हमेशा मेरे अंदर रहते हैं। यही वजह है कि मेरा ब्लड ग्रुप बदलकर O-ve हो गया।
राम रहीम ने यह भी दावा किया कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस पर रक्त समूह O+ve के रूप में दर्ज किया गया था। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम लाइव सत्र में कुछ अन्य दावे भी किए, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने केवल 8 साल की उम्र में ट्रैक्टर चलाना और रिपेयरिंग करना सीख लिया था।

इन मामलों में भुगत रहा सजा
गौरतलब है कि, राम रहीम 2017 से अपनी शिष्याओं से यौन उत्पीड़न और पत्रकार छत्रपति और रंजीत की हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस साल पंजाब चुनाव से ठीक पहले 7 फरवरी को राम रहीम को 21 दिनों का अवकाश मिला था। इसके बाद उसे 17 जून 2022 को पैरोल मिली। तब से वह बागपत के बरनवा आश्रम की बिल्डिंग में रह रहा था। 17 जुलाई को उसकी पैरोल खत्म हो गई। उसे फिर से जेल के लिए ले जाया गया।












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