Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Ram Mandir Dhwajarohan: 21 किलो सोने की परत, जानें केसरिया ध्वज से जुड़ी खास बातें

Ram Mandir Dhwajarohan 2025: अयोध्या का भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है , 25 नवंबर को राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवा विजय ध्वजरोहरण किया है, ये ध्वज केवल भगवान राम के प्रति भक्तों की अटूट आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि भारतीय अध्यात्म, इतिहास और अयोध्या की महान सूर्यवंश और रघुकुल परंपराओं का भी साक्षी है।

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ये ध्‍वजारोहण कर समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस तिथि को भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। ज्योतिषियों के अनुसार, ध्वजारोहण का यह भव्य समारोह अभिजीत मुहूर्त में है।

Ram Mandir 12

भगवा ध्‍वज की क्‍या है खासियत?

यह विशेष ध्वज अहमदाबाद की एक कंपनी ने तैयार किया है। ध्वज की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट है, जिसे मंदिर के शिखर पर लगे 42 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर फहराया गया है।

ram mandir

तेज हवा और कड़ी धूप में भी खराब नहीं होगा ध्‍वज

भगवा ध्‍वज को पैराशूट फैब्रिक और रेशमी धागों से तैयार किया गया है, ताकि यह सूर्य की रोशनी, वर्षा और तेज हवा जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना कर सके। न्‍यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार ध्वजदंड को 360 डिग्री घूमने वाले चैंबर पर स्थापित किया गया है, जिसमें बॉल बेयरिंग्स का उपयोग किया गया है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि ध्वज तेज हवाओं में भी सुरक्षित रहे और फटे नहीं। नमी और तापमान के प्रभावों को कम करने के लिए ध्वज को खास तरीके से निर्मित किया गया है, जिससे यह सभी मौसमों में टिकाऊ बना रहे।

इस भव्य ध्वज को बनाने में कई कारीगरों ने दिन-रात काम किया है। यह तीन लेयर वाले सिल्क साटन से बना है, जिसमें अंदर की लाइनिंग भी है। इसमें बारीकी से कढ़ाई की गई है, जो इसे एक बेहतरीन रूप और बनावट प्रदान करती है।

ध्‍वज दंड पर चढ़ी है 21 किलो सोने की परत

अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे दंड पर अब सोने की परत चढ़ाई गई है। इस कार्य के लिए लगभग 21 किलोग्राम सोने का उपयोग किया गया है, जिससे मंदिर के शिखर को एक नया आकर्षक स्वरूप मिला है। इस महत्वपूर्ण और बारीक काम को पूरा करने के लिए विशेष रूप से मुंबई से कारीगरों को बुलाया गया था।

ध्वज में त्रेतायुग के तीन मुख्य प्रतीक हैं

ध्वज में त्रेतायुग के तीन मुख्य प्रतीक 'ॐ', 'सूर्य' और 'कोविदार वृक्ष' अंकित हैं। ध्वज का केसरिया रंग धर्म, त्याग और साहस का प्रतीक है। सूर्य प्रतीक भगवान राम के सूर्यवंशी होने को दर्शाता है, जो शौर्य, तेज और पराक्रम की ऊर्जा का परिचायक है। वहीं, 'ॐ' सनातन संस्कृति के अध्यात्म, अनंतता और निरंतर गतिशीलता का प्रतीक है।कोविदार वृक्ष का उल्लेख वाल्मीकि रामायण में, विशेष रूप से अयोध्या कांड में, कई बार मिलता है। यह प्रतीक त्रेता युग से जुड़ा है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+