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आसाराम को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला राहुल आज भी लापता, बेटे को देखने के लिए तरस रहे मां-बाप

By Ankur Kumar Srivastava
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    कानपुर। दुराचारी आसाराम को सजा दिलाने में अहम किरदार निभाने वाला राहुल सचान आज भी लापता है। उसके माता पिता बेटे का चेहरा देखने की उम्मीद के साथ गांव की सड़क को निहारते रहते हैं। उनको अभी भी ये लगता है कि शायद उनका लाल घर वापस आएगा। किसी समय आसाराम के आश्रम की बड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाले राहुल के माता-पिता को बेटे की हत्या की आशंका भी है लेकिन फिर भी उनको अभी तक इस बात का इंतज़ार है की शायद वो जिन्दा हो और डर की वजह से सामने नहीं आ रहा हो। अब, जब आसाराम बापू को सजा हो गई है तो शायद वो भी घर लौट आए। कानपुर के घाटमपुर के निमधा गांव निवासी रामकुमार सचान पुत्र राहुल (मुख्य गवाह) पर ही आसाराम बापू को आश्रम की बच्ची के साथ यौनाचार करने के मामले में उम्रकैद की सजा मिली है।

    आसाराम को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला राहुल आज भी लापता, बेटे को देखने के लिए तरस रहे मां-बाप

    अतीत के पन्नो को पलटते हुए राहुल के पिता रामकुमार सचान ने बताया की जब वो लोग दिल्ली में रहते थे करीब 1992 में आसाराम के संपर्क में आया था। वो अहमदाबाद भी गया था उसके बाद हमारे पास वापस नहीं आया। वो अपनी बहन की शादी में भी नहीं आया था। राहुल आसाराम का बहुत करीबी था। पैसो का लेन देन भी देखता था। सत्संग का भी अरेंजमेंट करता था। रामकुमार आसाराम को संत नहीं मानते हैं।

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    उन्होंने बताया की कुछ लड़कियों को राहुल बहन मानता था जिनके साथ आसाराम ने बदतमीजी की जिसका राहुल ने विरोध किया था। जिसके कारण आसाराम से उनकी खटपट हो गई जिसके बाद आसाराम ने राहुल को कमरे में बंद कर दिया। जंहा से किसी तरह 2003 में राहुल निकल कर मुंबई आया उस समय हम लोग मुंबई में रहते थे। वंहा उसे ऑडियो एडिटिंग की ट्रेनिंग कराकर फिल्म निर्माण क्षेत्र में करियर बनाने के लिए समझाया। करीब 5 महीने रहने के बाद वो फिर लौट गया क्‍योंकि राहुल के सर पर आसाराम की भक्ति का भूत सवार था।

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    राहुल के पिता ने बताया कि सन 2004 में गांव के पैतृक मकान में जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तब राहुल आखिरी बार आया था उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। इसी दरमियान साल 2013 में यू पी के शाहजहांपुर की एक लड़की ने आसाराम पर दुराचार का मामला दर्ज करा दिया तो राहुल की गवाही पर पुलिस ने उसे मुख्य गवाह बनाकर मामले को आगे बढ़ाया।

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    साल 2015 के फरवरी में जोधपुर कोर्ट के परिसर में राहुल पर चाकुओं से हमला किया गया। इसके बाद वह लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पुलिस के पहरे में रहा , लेकिन नवम्बर 2015 को कैसरबाग़ बस अड्डे से गायब हो गया उसके बाद कुछ पता नहीं चला। क्योंकि आसाराम बहुत पहुंच वाला है, उसके पास बहुत पैसा है वो किसी का कुछ भी करवा सकता है।एक बार हमारे गांव में भी दो लड़के आये थे 2012-13 में दिल्ली से राहुल के बारे में पूछ रहे थे। उन्‍होंने बताया कि दिल्ली से वो लड़के मोटर साइकल से आये थे तो मुझे लगता है की वो राहुल को मारने ही आये थे |

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    English summary
    A key witness in the Jodhpur rape case against Asaram Bapu has been missing since 2015 from Lucknow while another was shot dead in Shahjahanpur in July that year.

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