योगी सरकार से नाराजगी को लेकर PWD मंत्री जितिन ने दी सफाई, बोले- परेशान होने का सवाल ही नहीं
लखनऊ, 20 जुलाई: उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ अपनी नाराजगी की खबरों को लेकर अपनी सफाई दी। जितिन ने बुधवार को कहा कि वह राज्य में योगी आदित्यनाथ सरकार से नाराज नहीं हैं और फिलहाल उनकी केंद्रीय भाजपा नेताओं से मिलने की कोई योजना नहीं है। दरअसल जितिन प्रसाद यूपी के लोक निर्माण मंत्री हैं और उनका विभाग पिछले तीन दिनों से काफी चर्चा में है। चर्चा में इसलिए है कि सीएम योगी के निर्देश पर उनके विभाग के 5 बड़े अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सूत्रों की माने तो यूपी के PWD विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। जितिन ने शाह से मिलने का समय मांगा था लेकिन काफी इंतजार के बाद उनको समय नहीं मिला। जब शाह ने जितिन को समय नहीं दिया तब उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वह सरकार से बिल्कुल नाराज नहीं हैं और वो दिल्ली आते जाते रहते हैं।
दरअसल प्रसाद, जिन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ दी थी उनके बयान का इंतजार काफी बेसब्री से किया जा रहा था। इसके पीछे की वजह यह है कि 18 जुलाई को उनके विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) अनिल कुमार पांडे को हटाए जाने के बाद उन्होंने दिल्ली के कुछ नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पांच अन्य अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया, जो तबादले के आरोपों में घिरे थे।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान प्रसाद ने कहा कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काम कर रहे हैं और जहां तक तबादलों की बात है तो अव्यवस्था होने पर बदलाव किया जाएगा। परेशान होने का कोई सवाल ही नहीं है। लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए यूपी सीएम के नेतृत्व में काम कर रहे हैं। जहां तक केंद्रीय नेताओं से मुलाकात का सवाल है, हमें जब भी समय मिलता है, उनसे मिल सकते हैं। लेकिन मेरे पास अभी उनसे मिलने का कोई विचार नहीं है। "
जितिन ने कहा, '' "पीएम (नरेंद्र मोदी) और सीएम आदित्यनाथ की जीरो-टॉलरेंस नीति के बारे में सभी जानते हैं। इसके तहत विभाग में अनियमितता होने पर सरकार ठोस कदम उठाएगी। निष्पक्ष जांच होगी। जहां कहीं गड़बड़ी होगी, कार्रवाई की जाएगी।''
दरअसल पीडब्ल्यूडी में तबादलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया था। समिति ने 16 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद अफसरों को हटाने का निर्देश जारी किया गया था। पीडब्लयूडी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रसाद के ओएसडी को उनके खिलाफ शिकायतों के बाद उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया था। अधिकारी ने कहा कि पांडे को वापस केंद्र सरकार भेजा जा रहा है और उनके खिलाफ जांच की सिफारिश की गई है।












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