Israel Palestine War: AMU के छात्रों ने HAMAS के समर्थन में लगाए नारे, BJP Congress आमने सामने
इस समय दुनियाभर की नजरें इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध पर टिकी हुईं हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हमास द्वारा किये गए हमले की निंदा करते हुए इजराइल का साथ दिया है। इसी बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा इजराइल के विरोध में और हमास के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद चार नामजद छात्रों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
HAMAS के समर्थन में AMU के छात्र
बता दें कि 8 अक्टूबर यानी रविवार को थाना सिविल लाइंस को सूचना मिली कि एएमयू कैंपस में कुछ लोगों ने बिना अनुमति के एक अंतरराष्ट्रीय प्रकरण को लेकर प्रोटेस्ट मार्च निकाला है, जिसमें आपत्तिजनक और कुछ भड़काऊ बातें की गई हैं। जांच में पता चला कि एएमयू के छात्रों ने फिलिस्तीन के समर्थन में अल्लाहू अकबर के नारे लगाए। साथ ही डक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक पैदल मार्च निकाल कर नारेबाजी भी की। छात्रों ने फलस्तीन को आजाद करने की मांग भी उठाई।

चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जिसके बाद प्रकरण में क्षेत्राधिकारी और चौकी इंचार्ज से रिपोर्ट मांगी गई। चौकी इंचार्ज एसआई अजहर हसन की आख्या पर मोहम्मद खालिद , मोहम्मद आतिफ इफ्तेखार, मोहम्मद नावेद व कामरान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी मृगांग शेखर के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बिना अनुमति के अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर छात्रों के द्वारा प्रदर्शन किया गया था।

भाजपा सांसद ने बताया गंभीर मुद्दा
वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर अब राजनीती भी गर्माती दिख रही है। भाजपा के सांसद सतीश गौतम के द्वारा एएमयू के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। उन्होंने इस मुद्दे को बड़ा और गंभीर मुद्दा बताया। वहीं समाज सेविका रूबीना खानम ने कहा कि "इस तरह के मार्च निकालकर ज्ञान के पवित्र मंदिर को राजनीति का अड्डा बनाना निंदनीय है। ये अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं देश की छवि को खराब करने वाला कृत्य है।"

कांग्रेस ने कहा अभिव्यक्ति की आजादी..
उधर, अलीगढ से कांग्रेस नेता इंजीनियर आगा युनुस का इस मामले पर कहना है कि "छात्रों के साथ खुली ज्यादती नजर आती है। पुलिस को बताना चाहिए कि छात्रों ने कौन सा अपराध किया और कौन सा नारा लगाया था, जिसके कारण मुकदमा लिख दिया गया। वो नारा देश में क्या प्रतिबंधित है ? पुलिस कहीं न कही ऐसा प्रतीत होती है कि भाजपा के दबाव में प्राथमिकी दर्ज करा कर अभिव्यक्ति की आजादी व मौलिक अधिकार के मूल्यों को दरकिनार कर रही है।"












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