Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Pooja Pal Vs Akhilesh: ‘हमें जेल भेजा जा सकता है’, पूजा के पत्र ‘मेरी हत्या हुई तो अखिलेश जिम्मेदार’ पर SP चीफ

Pooja Pal Vs Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी (SP) से हाल ही में निष्कासित कौशांबी की चायल विधायक पूजा पाल ने SP प्रमुख अखिलेश यादव पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक पत्र में दावा किया कि अगर उनकी हत्या होती है, तो इसके लिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जिम्मेदार होंगे। इस पत्र ने उत्तर प्रदेश की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है।

जवाब में अखिलेश ने कहा, 'यह समझ से परे है कि कोई मुख्यमंत्री से मिल रहा है और उसे दूसरी पार्टी के नेता से जान का खतरा है। हमें तो जेल भेजा जा सकता है।' आइए विस्तार से जानें क्या है बवाल?

Pooja Pal vs Akhilesh Yadav

'मेरी हत्या के जिम्मेदार होंगे, अखिलेश यादव'

दरअसल, पूजा पाल (Pooja Pal) ने अखिलेश यादव को लिखे पत्र में कहा, 'संभव है कि मेरे पति राजू पाल की तरह मेरी भी हत्या कर दी जाए। अगर ऐसा होता है, तो मैं सरकार और प्रशासन से मांग करती हूं कि मेरी हत्या का असली दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को माना जाए।' उन्होंने अपने निष्कासन को उत्तर प्रदेश के पिछड़े वर्गों, दलितों और गरीबों की आवाज दबाने की साजिश बताया। पूजा ने X पर लिखा, 'अन्याय और विश्वासघात के खिलाफ मेरी आवाज! यह निष्कासन सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि UP के कमजोर वर्गों की आवाज दबाने की कोशिश है। मैंने न्याय की लड़ाई लड़ी है और लड़ती रहूंगी।'

पूजा ने आरोप लगाया कि SP सरकार के दौरान उनके पति, पूर्व बसपा विधायक राजू पाल की 2005 में हुई हत्या के लिए न्याय की उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि वह SP में इसलिए शामिल हुई थीं, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि पार्टी पिछड़ों और दलितों को इंसाफ दिलाएगी, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा मिली। इसके उलट, योगी आदित्यनाथ की BJP सरकार ने उनके पति के हत्यारे, माफिया अतीक अहमद को सजा दिलाकर न्याय सुनिश्चित किया।

क्यों हुई पूजा पाल का निष्कासन?

14 अगस्त 2025 को पूजा पाल को SP से निष्कासित कर दिया गया, जब उन्होंने UP विधानसभा में 'विजन डॉक्यूमेंट 2047' पर चर्चा के दौरान CM योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। पूजा ने कहा, 'सबको पता है कि मेरे पति की हत्या किसने की। जब कोई मेरी सुन नहीं रहा था, तब CM योगी ने मुझे इंसाफ दिलाया। उनकी जीरो टॉलरेंस नीति ने अतीक अहमद जैसे अपराधियों का खात्मा किया।'

इस बयान से SP नेतृत्व असहज हो गया, क्योंकि पार्टी योगी सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करती रही है। अखिलेश ने पूजा को 'पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता' के लिए तत्काल निष्कासित कर दिया।

अखिलेश का पलटवार: 'हमें जेल भेजा जा सकता है'

पूजा के पत्र पर 24 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा, 'यह समझ से परे है कि कोई CM से मिले और उसे दूसरी पार्टी के नेता से जान का खतरा हो। यहां तो हमें जेल भेजा जा सकता है। BJP वाले हमें मार डालेंगे। अगर किसी को खतरा है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि संगठन में ऐसे लोग कौन हैं जो धमकी दे रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम UP सरकार पर भरोसा नहीं करते। इसलिए हमने केंद्र के गृह मंत्री को पत्र लिखा है। हमें उम्मीद है कि वहां से इंसाफ मिलेगा। पूजा पाल इतने साल SP में रहीं, तब उन्हें कोई खतरा नहीं था।' अखिलेश ने यह भी सुझाव दिया कि पूजा BJP से टिकट ले सकती हैं, जिस पर पूजा ने पलटवार करते हुए कहा, 'मुझे टिकट की चिंता नहीं, मुझे खुशी है कि मेरे पति के हत्यारे जहन्नम में गए।'

Raju Pal Murder Case: क्या है राजू पाल हत्याकांड?

पूजा पाल के पति, बसपा विधायक राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ ने हत्या कर दी थी। यह हत्या 2004 के उपचुनाव में राजू द्वारा अशरफ को हराने के बाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा थी। 2023 में अतीक और अशरफ को पुलिस कस्टडी में तीन हमलावरों ने गोली मार दी, जबकि अतीक का बेटा असद झांसी में एक मुठभेड़ में मारा गया। पूजा ने इस कार्रवाई को योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम बताया।

आगे क्या?

पूजा पाल के इस पत्र और अखिलेश के जवाब ने UP की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। पूजा का दावा है कि उनकी जान को खतरा है, और उन्होंने केंद्र से जांच की मांग की है। दूसरी ओर, अखिलेश ने इसे BJP की साजिश करार दिया। क्या यह मामला सिर्फ सियासी ड्रामा है, या वाकई पूजा की जान को खतरा है? जांच और समय इसका जवाब देगा, लेकिन फिलहाल यह विवाद 2027 के UP विधानसभा चुनाव से पहले SP और BJP के बीच तनातनी को और बढ़ा रहा है।

ये भी पढ़ें- सपा से बाहर होने पर MLA Pooja Pal को लेकर क्यों गरमाई राजनीति, BJP नहीं इस पार्टी में जाने की हो रही चर्चा?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+