दलितों के कल्याण के लिए राजनीतिक सत्ता ही एकमात्र रास्ता: मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की नेता मायावती ने इस बात पर जोर दिया कि दलितों और बहुजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए राजनीतिक सत्ता जरूरी है। उन्होंने बीएसपी के ओबीसी पदाधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक के दौरान कहा, "बहुजनों के लिए अच्छे दिन लाने का एकमात्र तरीका राजनीतिक सत्ता हासिल करना है।"

उन्होंने जाति आधारित राजनीति की आलोचना की, जिसका बहुजन समुदाय, खास तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

Mayawati

मायावती के अनुसार, नई नीतियों ने संवैधानिक आरक्षण को अप्रभावी बना दिया है, जिससे ओबीसी को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस भेदभाव को खत्म करने के लिए सभी वर्गों को एकजुट करने और राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए एक मजबूत अभियान चलाने का आह्वान किया।

राजनीतिक एकता और अभियान

मायावती ने बहुजन समुदाय से एकजुट होकर अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और सपा जैसी पार्टियों के दलित-विरोधी और ओबीसी-विरोधी एजेंडे को उजागर करने के लिए गांव स्तर पर आक्रामक अभियान शुरू करने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, "भाजपा, कांग्रेस और सपा जैसी जातिवादी पार्टियों को हराना और राजनीतिक सत्ता हासिल करना ही बहुजनों के लिए अपने 'अच्छे दिन' लाने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।"

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने याद किया कि मंडल आयोग की सिफारिशें लागू होने तक ओबीसी को किस तरह हाशिए पर रखा गया था। उन्होंने आरक्षण के संवैधानिक अधिकार को सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए बीएसपी को श्रेय दिया। मायावती ने 2012 में बीएसपी के खिलाफ़ साजिश रचने का आरोप लगाया, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में बीएसपी सत्ता से बाहर हो गई।

प्रतिद्वंदी पार्टियों पर आरोप

मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा और सपा जैसी प्रमुख पार्टियां झूठे वादों से दलितों और ओबीसी को गुमराह करती हैं। उन्होंने कहा, "ये पार्टियां मीठी-मीठी बातें और झूठे वादों से दलितों और ओबीसी को धोखा देती हैं। लेकिन वे कभी भी उनके उत्थान के लिए सही मायने में काम नहीं करेंगी।" उन्होंने लोगों से इस धोखे को समझने और अपने भाग्य को नियंत्रित करने का आग्रह किया।

उन्होंने विपक्षी दलों पर छोटे-छोटे जाति-आधारित संगठन बनाने का आरोप लगाया, जो बहुजन एकता को कमजोर करते हैं। उनके अनुसार, इन संगठनों के नेता अक्सर सामुदायिक कल्याण पर निजी हितों को प्राथमिकता देते हैं। मायावती ने जोर देकर कहा कि केवल बीएसपी के बैनर तले ही पूरे समुदाय के हितों की रक्षा की जा सकती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+