ट्रेन में बैग चोरी करने पर यात्रियों ने लड़की के कपड़े उतारकर ली तलाशी, काट दिए बाल
स्कूल के सर्टिफिकेट के आधार पर वह नाबालिग बताई जा रही है। हालांकि परिवार का कहना है कि पुलिस ने सर्टिफिकेट को खारिज करते हुए एफआईआर पर अपनी मर्जी से 19 साल लिख दिया।
आगरा। बैग चोरी के आरोप में 17 साल की एक लड़की से ट्रेन में सवार लोगों ने जबरदस्ती की और उसके बाल काट दिए। घटना हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के एसी-3 कोच में हुई। रोजाना मजदूरी करके पेट पालने वाले लड़की के पिता ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर होने की वजह से वह मानसिक रूप से कमजोर है। लड़की को यात्रियों ने जीआरपी के हवाले कर दिया जिसे मंगलवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। स्कूल के सर्टिफिकेट के आधार पर वह नाबालिग बताई जा रही है। हालांकि परिवार का कहना है कि पुलिस ने सर्टिफिकेट को खारिज करते हुए एफआईआर पर अपनी मर्जी से 19 साल लिख दिया।

घर से भागी थी लड़की
आगरा की ओर जा रही ट्रेन में घटना फिरोजाबाद और टुंडला स्टेशन के बीच घटी। लड़की के पिता ने बताया कि बीते एक साल से सैफई के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। रविवार शाम घर वालों से झगड़ने के बाद वह घर से भाग गई थी। आगरा फोर्ट स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर ललित त्यागी ने बताया कि यात्रियों ने लड़की के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसे एक बैग के साथ पकड़ा गया था। उन्होंने कहा, 'लड़की को बैग के साथ पकड़ा गया लेकिन यात्रियों ने कानून अपने हाथ में ले लिया और उसके बाल काट दिए। उसके कपड़े उतरवा कर तलाशी ली। उन्होंने टीटीई से भी बदसलूकी की।' यात्रियों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक लड़की के खिलाफ है जबकि दूसरी एफआईआर छह यात्रियों के खिलाफ है जो टीटीई की शिकायत पर दर्ज की गई है।
टीटीई ने यात्रियों के खिलाफ की ये शिकायत
लड़की के खिलाफ आईपीसी की धारा 380 (चोरी) और छह यात्रियों के खिलाफ धारा 332 (ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना), 352 (उत्पीड़न), 353 (ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना), 507 (आपराधिक इरादे से धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। ट्रेन के टीटीई एसके शर्मा ने बताया कि यात्रियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यात्रियों ने उन पर लड़की से चोरी करवाने और उसके साथी की भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि लड़की को जीआरपी के हवाले कर दें तो वे मुझ पर आरोप लगाने लगे। उन्होंने एक गरीब और असहाय लड़की के साथ बेहद बुरा बर्ताव किया। महिलाओं ने उसके कपड़े उतारे जबकि पुरुष यात्रियों ने उसके बाल काट दिए।' लड़की के परिजनों ने कहा कि उन्होंने पुलिस और कोर्ट दोनों को बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान है और उसका इलाज चल रहा है लेकिन उन्होंने एक भी नहीं सुनी।












Click it and Unblock the Notifications