• search
For uttar-pradesh Updates
Allow Notification  

    VIDEO: कॉलेज की 'मान्यता' का विवाद हुआ अमर्यादित, छात्राओं के खींचे गए दुपट्टे

    By Gaurav Dwivedi
    |

    वाराणसी। एपेक्स नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं धरने पर बैठी हैं। दो साल बिना परीक्षा के बैठी इन छात्राओं का आरोप है कि इस कॉलेज के पास कोई मान्यता नहीं है। शुक्रवार को इन छात्राओं ने आरोप लगाया कि इस धरने पर बैठे रहने कर इनके दुप्पटे खींच लिए गए और इन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया। यही नहीं छात्राओं का आरोप हैं कि अस्पताल के गार्ड और अन्य कर्मचारी अब खुलेआम ये कहते हैं की हम लोग तुम लोगों के साथ गलत काम करेंगे कोई हमारा कुछ नहीं बिगड़ सकता।

    VIDEO: कॉलेज की 'मान्यता' का विवाद हुआ अमर्यादित, मोदी की काशी में छात्राओं के खींचे गए दुपट्टे

    वहीं एक स्टूडेंट ने अस्पताल में चलाए जा रहे नर्सिंग इंस्ट्यूट के मैनेजमेंट से जब मान्यता ना होने पर अपनी फीस वापसी की बात कही तो मैनेजर ने ये कहते हुए भगा दिया कि निकल जाओ नहीं तो मारुंगा। शाम होते-होते ये खबर आई कि जिला प्रशासन इस अस्पताल को सील करने की कार्रवाई करने जा रही हैं तो हुआ ये कि धरना दे रही छात्राओं को स्थानीय पुलिस ने महिला जवानों को बुलाकर गिरफ्तारी करवा दी और पुलिस लाइन भेज दिया।

    VIDEO: कॉलेज की 'मान्यता' का विवाद हुआ अमर्यादित, मोदी की काशी में छात्राओं के खींचे गए दुपट्टे

    क्या कहती हैं ये छात्राएं?

    दो दिनों से अस्पताल के बहार धरना दे रही इन छात्राओं ने लगातार बारिश में भीगकर भी अपना धरना जारी रखा है। जब हमने मामले की हकीकत जानने की कोशिश की तो एपेक्स नर्सिंग कॉलेज की छात्रा शीबा ने बताया कि दोपहर में हमारे पास कॉलेज के गार्ड और एक अन्य कर्मचारी जो यहां नए नियुक्त किए गए हैं, मैनेजमेंट के इशारे पर पास आए और दुपट्टा खींचते हुए हम लोगों को धक्का देने लगे। यही नहीं उस कर्मचारी ने ये तक कहा की हम लोग तुम्हारे साथ गलत काम भी कर देंगे तो कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। वहीं दूसरी छात्रा ममता ने ये आरोप लगया कि दो साल से हमारी कोई परीक्षा नहीं हुई है और हमसे लाखों रुपए फीस लिया गया है। अब हमें जब ये मालूम हो गया कि इस नर्सिंग कॉलेज की मान्यता नहीं है तो हम अपना दिया हुआ पैसा वापस मांग रहे हैं। हमारे साथ मारपीट की जाती है और आज तो हद ही हो गई मैंने अपने सर से कहा कि मेरी फीस वापस कर दें तो उन्होंने कहा की भाग जाओ नहीं तो जूते से मारूंगा।

    कर दिया चक्का जाम, स्थानीय लोग भी छात्राओं के साथ

    दरअसल इस नर्सिंग कॉलेज को लेकर कॉलेज प्रशासन और छात्रों में विवाद कई दिनों से चल रहा है। इसके पहले भी एक छात्रा ने कॉलेज प्रशासन पर अपने को बंद करने का आरोप लगाते हुए अपना MMS वायरल किया था। तब जाकर जिला प्रशासन ने उसे मुक्त कराया था। इसके बाद इन छात्राओं को जनसूचना के जरिए पता चला कि एपेक्स कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की मान्यता इंडियन नर्सिंग काउंसिल से नहीं है। इसके बाद इन छात्रों ने दो बार सीएम योगी से मिलने के लिए लखनऊ गए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसंपर्क कार्यालय में अपने खून से लिखकर पीएम तक आदेश भी भिजवाया पर मामला ज्यो का त्यों है। ऐसे में हालत ये हो गई की इन छात्राओं ने कॉलेज के बाहर चक्का जाम कर दिया। जिसमें उनका साथ स्थानीय लोग भी दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन बच्चों के साथ कॉलेज हमेशा मारपीट करता हैं।

    पुलिस ने मामले में क्या कहा?

    लंका थाने के एसओ रामनरेश यादव ने कहा कि छात्राएं अपनी मांगों को लेकर दो दिनों से अनशन पर थीं। गुरुवार को उन्हें समझाया गया था। स्टॉफ ने हॉस्पिटल के भर्ती मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्हें बाहर किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

    Read more: VIDEO: देखिए बदमाश की हत्या पर उसके घरवालों का विलाप, गांव के लोगों ने ही की है हत्या

    देखिए VIDEO...

    अधिक उत्तर प्रदेश समाचारView All

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    On Girls protest college threat for rape girls
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more