परिवार की सुरक्षा में दर-दर भटक रहा अमित शाह का सिक्योरिटी गार्ड
मिर्जापुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सुरक्षा में लगे हरियाणा के रोहतक की 220 बटालियन सीआरपीएफ के जवान के परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिले के पड़री थाना क्षेत्र के आमघाट देवरी पैतृक गांव में पिता की ओर से बैनामा ली गई पांच बिस्वा जमीन पर पड़ोसियों ने कब्जा कर रखा है। खाली कराने के लिए बार-बार शिकायत किए जाने पर भी कार्रवाई न होने पर छुट्टी लेकर आए जवान ने पूरे परिवार के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। डीएम ने जवान के मामले को गंभीरता से लिया और प्रार्थना पत्र लेकर मातहतों को कार्रवाई का निर्देश दिया।

अमित शाह की सुरक्षा में लगा है जवान
आमघाट देवरी गांव निवासी जवान आशीष उपाध्याय हरियाणा के रोहतक के 220 बटालियन सीआरपीएफ में जवान के पद पर तैनात है। मौजूदा समय में वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सुरक्षा डयूटी में लगा है। इसी वर्ष जनवरी में आशीष के पिता गौरीशंकर उपाध्याय ने गांव में पांच बिस्वा जमीन बैनाम कराया। जमीन का दाखिल खारिज भी हो गया है। इसी बीच जमीन पर कुछ पड़ोसियों ने कब्जा कर लिया है और वह छोड़ने को तैयार नहीं है। जवान आशीष ने बताया कि उसके पिता गौरीशंकर और परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से कई बार शिकायती पत्र देकर जमीन को कब्जामुक्त करने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसलिए विवश होकर उसको छुट्टी लेकर डीएम से मिलने आना पड़ा। उसने बताया कि डीएम को दिए पत्र में उसने लिखा है कि उसके परिवार को जान का खतरा है।

जान से मारने की मिल रही धमकी
विपक्षियों की ओर से परिवार के सदस्यों को लगातार जान से मारने और फर्जी मुकदमें फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसलिए उसका पूरा परिवार दहशत के साए में है। ऐसे में उसके परिवार को कुछ भी हुआ तो इसका जिम्मेदार पुलिस व प्रशसन होगा। उसने कहाकि उसको छुट्टी नहीं मिलती है बावजूद किसी तरह छुट्टी लेकर समस्या के समाधान के लिए पहुंचा है। ऐसे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या समझा जाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सुरक्षा में लगे जवान आशीष उपाध्याय के प्रार्थना पत्र पर 220 बटालियन सीआरपीएफ मुख्यालय रोहतक हरियाणा के कमांडेंट की ओर से भी डीएम व एसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की अपेक्षा की गई। कमांडेंट के यहां से 19 फरवरी को ही डीमए, एसपी, आईजी सहित अन्य अधिकारियों को संबोधित पत्रक भेजा गया था। बावजूद प्रशासन व पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जवान इससे बहुत दुखी था। उसने कहा कि भविष्य में उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विवश होकर कलक्ट्रेट परिसर में अनशन करेंगे।

बुधवार को भी दोनों पक्षों में हुआ था विवाद
बुधवार को भी सीआरपीएफ के जवान के परिवार के सदस्यों और कुछ लोगों से उसकी जमीन को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची थी लेकिन एक पक्षीय जवान के परिवार के सदस्यों के खिलाफ ही शांतिभंग में कार्रवाई कर दी गई। बाकी लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जवान के पिता गौरीशंकर उपाध्याय ने गांव के ही जिस पक्ष से जमीन खरीदी है उसका पुस्तैनी कब्जा उस पर था। विक्रेता पक्ष के तीन बाबा में दो को पुत्र थे। एक को पुत्रियां ही थीं। जिनकी पुत्रियां थी उस पक्ष से उन्होंने जमीन खरीदा है। लेकिन विपक्षी उनकी जमीन को अपना बताकर उस पर कब्जा किए हुए हैं। इससे वहां भविष्य में बड़ा विवाद होने का खतरा बना है। प्रशासन और पुलिस को भी इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने की जरूरत है।












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