अतीक ने कहा था- एक Media ही जिसकी वजह से सेफ हूं, मीडिया के चोले में ही शूटर्स ने भून दिया
गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस हिरासत में हत्या कई सारे सवाल खड़े करती है। अतीक को जिस मीडिया पर भरोसा था, उसी लुक में शूटर्स ने उसका अंत कर दिया।

यूपी के प्रयागराज में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस कस्टडी में मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की वारदात को अंजाम देने बाद शूटर्स ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। कड़ी सुरक्षा के बीच अतीक तक पहुंचना आसान नहीं था लेकिन शातिर शूटर्स ने इसके लिए खास योजना बनाई थी। वे मीडिया पर्सन के लुक में मीडियाकर्मियों के बीच घुसे और अचानक अतीक और अशरफ पर फायरिंग शुरू कर दी।
माफिया से राजनेता बने गैंगस्टर अतीक अहमद ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि मीडिया ही है, जिसकी वजह से वो सेफ हैं, जिसके बाद शातिर शूटर्स ने उनके इसी भरोसे का फायदा उठाने का प्लान बनाया। शनिवार रात जब पुलिसकर्मी अतीक और अशरफ के मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जा रहे थे तो मीडियाकर्मी अतीक की बाइट लेने का इंतजार कर रहे थे। अतीक ने मीडिया के माइक पर कैमरे से सामने बोलना शुरू ही किया था कि अगले सेकेंड में गोलियों की तड़तड़हाट शुरू हो गई।
अतीक- अशरफ हत्याकांड को 3 शूटर्स ने अंजाम दिया। अतीक पर ये हमला जिस तरह हुआ उसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। क्योंकि 28 मार्च को अतीक को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अतीक ने खुद कहा था, "आप सबका शुक्रिया। आप सबकी वजह से ही हिफाजत में हूं?"
दरअसल, उमेश पाल मर्डर 51 दिन अतीक के लिए कयामत के रहे। 15 दिन में दो बार वह साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया। उम्रकैद की सजा हुई। तीसरे नंबर का बेटा असद एनकाउंटर में मारा गया। अतीक अभी 4 दिन की पुलिस रिमांड पर था। शनिवार को पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ी तो चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया। यहीं उसकी और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई।












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