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अंबेडकर की मूर्ति का विरोध करने वाले अब खुद मूर्तियां बनवा रहे हैं: मायावती

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लखनऊ। एक ओर जहां ''लौह पुरुष'' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 143वीं जयंती के मौके पर 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का अनावरण हुआ, वहीं दूसरी ओर यूपी में अंबेडकर की मूर्ति-चर्चा शुरू हो गईं। पटेल की मूर्ति बनाए जाने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अंबेडकर की मूर्ति की लेकर भाजपा पर तंज कसा है।

BSP supremo Mayawati

अब क्यों लूट रहे वाह-वाही: बसपा सुप्रीमो
माया ने कहा है अब कहा हैं वो लोग जो महापुरुषों की मूर्तियों और पार्कों के निर्माण को फिजूलखर्ची बताते थे। जो लोग अंबेडकर की मूर्ति-निमार्ण का विरोध कर रहे थे। आज वहीं लोग हजारों करोड़ रुपए खर्च करके सरदार की प्रतिमा बनाकर वाह-वाही लूट रहे हैं। बसपा सरकार में तो यही लोग मूर्ति-निर्माण और पार्कों के निर्माण को फिजूल खर्ची बता रहे थे। आज यही लोग हजारों करोड़ रुपए खर्च करके उद्घाटन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यूपी में बसपा के मूर्ति-निर्माण पर जमकर होहल्ला मचाया था। संविधान निर्माता अंबेडकर की मूर्तियों का विरोध किया गया था।''

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गुजरात में सरदार पटेल की मूर्ति का अनावरण
बता दें कि बुधवार को गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का लोकार्पण किया है। सरदार पटेल की इस मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है, जो दुनिया में सबसे ऊंची है। सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में करीब 2,989 करोड़ रुपये का खर्च किया गया है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, कांसे की परत चढ़ाने के आशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है। सरदार की मूर्ति नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कंपनी ने कहा कि रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया।

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