48 जिलों में खड़ी हुई तृणमूल कांग्रेस; प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- चुनाव में कैडर पहले, उसके बाद बाहरियों पर विचार
लखनऊ, 16 अगस्त: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे सभी पार्टियां सक्रिय हो गई हैं। पश्चिम बंगाल में शानदार जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी को चारो खाने चित करने वाली तृणमूल कांग्रेस ने अब यूपी में भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। संगठन का दावा है कि यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले सभी जिलों में संगठन खड़ा हो जाएगा। अभी 48 जिलों में सगठन ने अपना विस्तार कर लिया है। हालत यह है कि अब सपा, बसपा और भाजपा के असंतुष्ट कार्यकर्ता और पूर्व विधायक भी अपनी संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं।

यूपी में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राय ने कहा कि चुनाव तो सपा के साथ ही मिलकर पार्टी लड़ेगी लेकिन अभी सीटों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। यह हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ही तय करेंगी। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने वन इंडिया डॉट काम के साथ एक्सूलिव बातचीत की और पार्टी के कामकाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नीरज ने कहा कि कि यूपी में संगठन के विस्तार के काम में जुटे हुए हैं। जल्द ही सभी जिलों तक संगठन खड़ा हो जाएगा।
सपा के साथ मिलकर चुनाव लडे़गी तृणमूल कांग्रेस
दरअसल, यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इसको लेकर सभी दलों ने अपनी अपनी तैयारियों को मूर्त देना शुरू कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को शानदार सफलता मिली थी। 2017 में भाजपा को 300 से अधिक सीटों पर जीत मिली थी वहीं समाजवादी पार्टी को महज 47 सीटों पर जीत मिली थी। बसपा का भी प्रदर्शन काफी खराब देखने को मिला था। लेकिन इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सपा के साथ मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी।
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वन इंडिया डॉट कॉम से बातचीत के प्रमुख अंश
सवाल- यूपी में संगठन के विस्तार को लेकर पार्टी क्या कर रही है
जवाब- यूपी में अभी हम 48 जिलों तक अपना विस्तार कर पाए हैं। हमारी कोशिश है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को सभी जिलों में खड़ा किया जाए। इसकी कोशिशें जारी हैं। बहुत से लोग पार्टी में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। संगठन का ज्यादा से ज्यादा विस्तार करना ही पहला लक्ष्य है जिसको लेकर हम दिन रात काम कर रहे हैं।
सवाल- यूपी में सपा, बसपा और भाजपा के असंतुष्ट कार्यकर्ता और पूर्व विधायक भी तृणमूल से संपर्क साध रहे हैं, इसको लेकर क्या कहेंगे
जवाब- देखिए चुनाव को लेकर पार्टी अपने स्तर पर तैयारी कर रही है। बहुत सारे लोग आ रहे हैं जिसमें कई प्रमुख पार्टियों के कार्यकर्ता, नेता और पूर्व विधायक शामिल हैं। लेकिन अभी किसी को टिकट का भरोसा देना सही नहीं होगा। हमारी प्राथमिकता में संगठन है। हम संगठन को हर जिले में खड़ा करना चाहते हैं ताकि यदि ऐसी स्थिति आए तो पूरे 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जा सके।
सवाल- क्या तृणमूल कांग्रेस, सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी
जवाब- हां। नेतृत्व ने यह तय किया है कि अगला चुनाव सपा के साथ ही मिलकर लड़ा जाएगा लेकिन अभी सीटों को लेकर कुछ तय नहीं हुआ है। यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। आलाकमान का जो भी आदेश होगा उस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। पहले भी हमने कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता में संगठन है। यूपी और देश में योगी सरकार और मोदी सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए हम अभियान चलाएंगे। आप इनकी मानसिकता को समझ सकते हैं। हम यदि प्रदर्शन के लिए समय मांगते हैं तो महामारी का बहाना बनाया जाता है लेकिन जब इनको जन आशीर्वाद यात्रा निकालनी होती है तो न तो कोविड का प्रोटोकाल नजर आता है और न ही सोशल डिस्टेंसिंग। उस समय सरकार के आंखों पर पट्टी बंध जाती है।
सवाल- पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी यूपी कब आ रही हैं
जवाब- जल्द ही आएंगी। यूपी आने को लेकर वो काफी उत्सुक हैं। सही समय का इंतजार करिए, जब भी वह आएंगी तो उसकी गूंज यहां से लेकर दिल्ली तक सुनाई देगी। उनके कार्यक्रमों का खाका तैयार किया जा रहा है। एक बार तैयारी पूरी हो जाने पर वह यपूी आएंगे और
सवाल- यूपी सरकार ने आपके कार्यक्रम को मंजूरी नहीं दी इसको लेकर क्या कहेंगे
जवाब- यूपी में एक संगठन की नहीं एक व्यक्ति की सरकार काम कर रही है। सरकार इतनी दंभी और अहंकारी हो गई है कि वह अपने विरोध के स्वरों को हर हाल में कुचलना चाहती है। सरकार से छोटे कार्यक्रमों के लिए भी जब परिमशन लेने की कोशिश की जा ती है तो महामारी इनके सिर चढ़कर बोलने लगती है लेकिन अपने कार्यक्रमों में वही महामारी गायब हो जाती है। हमें सड़क पर उतरने से रोक दिया जाता है और शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन भी नहीं करने दिया जाता है।












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