UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताया, नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है आनंद गिरि
UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बताया, नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है आनंद गिरि
प्रयागराज, 21 सितंबर: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत हो गई है, जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है। इस बीच मीडिया के हाथ एफआईआर की कॉपी लगी है। एफआईआर में महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत पुलिस ने दर्ज किया है। यह एफआईआर महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य अमर गिरी महाराज ने दर्ज़ कराई है। वहीं, पुलिस ने आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है।

महंत नरेंद्र गिरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शिष्य आनंद गिरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की पुष्टि यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार हर तरह की जांच कराने को तैयार है। अगर जरूरत पड़ी तो हम सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं। सरकार अखाड़ा परिषद की मांगों से मुंह नहीं मोड़ेगी, चाहे वे कुछ भी हों।
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एफआईआर में कहा गया है कि महंत नरेंद्र गिरी ने कई बार जिक्र किया था कि आनंद गिरी पिछले कुछ महीनों से उन्हें परेशान कर रहा है। इसकी सूचना प्रयागराज के आईजी और जॉर्जटाउन पुलिस को दी गई थी। आपको बता दें कि आनंद गिरी को पुलिस हिरासत में ले चुकी है। पुलिस की इस एफआईआर में कल के पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार जिक्र है। इस मामले को गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरिद्वार में आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया गया था। साथ ही पुलिस की एक टीम को जांच का जिम्मा सौंप दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र गिरी अपने बाघंबरी मठ में थे। सोमवार शाम करीब 5.20 बजे पुलिस को उनके निधन की सूचना मिली। जब पुलिस टीम वहां पर पहुंची तो चारों तरफ से दरवाजे बंद मिले। बाद में किसी तरह दरवाजा खोला गया, तो महंत का शव रस्सी से लटकता हुआ मिला। जिसके बाद शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। वहीं कमरे में मिले सुसाइड नोट की जांच की गई, तो उसमें आनंद गिरी का जिक्र मिला। आरोप है कि आनंद गिरी ने अपने गुरु को मानसिक रूप से काफी ज्यादा परेशान किया था।
मठ किया गया सील
महंत नरेंद्र गिरी देश के बड़े संतों में से एक हैं। साथ ही उनके दुनियाभर में लाखों अनुयायी भी हैं। जिस वजह से पुलिस के ऊपर जनता के सामने सच्चाई लाने का दबाव बढ़ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी संजय खत्री, आईजी केपी सिंह, डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल मठ को पुलिस ने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। बिना प्रशासन के आदेश वहां पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है।












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