माफिया से विधायक बने बृजेश सिंह ने विधानपरिषद में पूछा ऐसा सवाल, बड़े-बड़े रह गए दंग
बृजेश सिंह पहली बार जब सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो एकबारगी सभी विधान परिषद सदस्य चौंक गए। बृजेश सिंह के सवाल पूछने का अंदाज भी किसी भी मझे हुए राजनेता की तरह था जिसे देखकर सभी दंग हो गए।
मिर्जापुर। यूपी की सत्ता में बीजेपी का शासन आया तो माफिया से माननीय बने एमएलसी बृजेश सिंह भी मुखर हो गए हैं। शुक्रवार को विधान परिषद की कार्रवाई के दौरान बृजेश सिंह पहली बार जब सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो एकबारगी सभी विधान परिषद सदस्य चौंक गए। बृजेश सिंह के सवाल पूछने का अंदाज भी किसी भी मझे हुए राजनेता की तरह था जिसे देखकर सभी दंग हो गए।

महिला हॉस्टल का उठाया मुद्दा
एमएलसी बृजेश सिंह के मुताबिक पॉलिटेक्निक कॉलेज में 90 छात्राओं के लिए महिला हॉस्टल बनाया जाना है। इसके लिए शुरूआती स्तर पर 50 लाख रुपए की धनराशि शासन के ओर से अवमुक्त हुई। लेकिन इसके बाद किसी तरह की धनारिश नहीं दी गई, लिहाजा हॉस्टल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि हॉस्टल ना होने से छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए धनराशि उपलब्ध कराए।

सदन में पहली बार उठाया क्षेत्र का मुद्दा
बृजेश सिंह की गिनती पूर्वांचल के बड़े माफियाओं में होती है। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार राजनीति में कदम रखा था। चंदौली के सैयदराजा सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा था लेकिन कांटे की टक्कर में वो हार गए थे। इसके बाद साल 2016 में वह चंदौली, वाराणसी और भदोही से एमएलसी चुनाव में उतरे। इस बार उन्हें कामयाबी हाथ लगी।

बीजेपी की मदद से जीता था चुनाव
इस चुनाव में बीजेपी ने बृजेश सिंह के खिलाफ अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था, इसी के बाद से ये बीजेपी और उनके बीच की नजदीकियां चर्चा बन गईं। एमएलएसी बनने के बाद ये पहला वाक्या था जब बृजेश सिंह ने क्षेत्र की किसी समस्या के बाबत सदन में प्रश्न उठाया। बृजेश सिंह ने चंदौली स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में महिला छात्रावास के अधूरे निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया।
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