पहले से शादीशुदा थे प्रेमी-प्रेमिका, एक-दूजे का साथ न छोड़ा तो मारे गए!
इलाहाबाद में प्रेमी-प्रेमिका शादीशुदा होने के बावजूद छुप-छुपकर मिलते थे। प्रेमिका के ससुरालवालों को इससे परेशानी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इलाहाबाद। इलाहाबाद में प्रेमी-प्रेमिका के कत्ल की सनसनीखेज वारदात हुई है। रात से गायब युवती की लाश सुबह में खंडहर में मिली। जबकि युवक का शव उसके कमरे में ही फांसी के फंदे पर लटकता मिला। दोनों की शादी किसी और से हुई थी। लेकिन शादी के बाद भी उनका प्यार खत्म नहीं हुआ था और छिप-छिप कर मिलते थे। उनका इश्क जगजाहिर था। परिजनों ने कई बार मारपीट कर फटकार भी लगाई थी। दोनों को दो-दो बच्चे भी थे। बताया जा रहा है कि प्रेमिका की हत्या के बाद युवक ने घर जाकर फांसी लगा ली। लेकिन मौका ए वारदात की स्थितियां कुछ और ही बता रही हैं। पुलिस ने स्टूडियो में साथ खिंचाई फोटो व कई साक्ष्य भी बरामद किया है। माना जा रहा है कि दोनों की हत्या उनके अपनों ने ही की और सच छिपाने के लिए सारा खेल रचा गया है। सच तलाशने में पुलिस जुटी है। शव पीएम के लिये भेजा गया है।

इश्क का दर्दनाक अंत
इलाहाबाद के मेजा गांधीनगर निवासी अशोक प्रजापति की शादी मिर्जापुर के जिगना बहुती गांव में प्रीति से हुई थी। जिनसे दो बेटे अनिल 14 व छोटू 10 साल का है। बहरहाल कहानी की शुरुआत लगभग 16 साल पहले हुई जब प्रीति यहां दुल्हन बनकर आयी। अशोक के पड़ोस में शिवशंकर कुशवाहा से प्रीति की नजदीकी शुरुआती दिनों में ही बढ़ गयी। कुछ ही सालों में इनके प्यार के किस्से आम हो गये। तब दोनों परिवार में विवाद हुआ और शिवशंकर की भी शादी दूसरी जगह हो गई । कुछ समय बाद शिवशंकर को भी दो बच्चे हुये। सबको लगा कि शायद बात खत्म हो गई। परिवार की जिम्मेदारी ने इश्क खत्म कर दिया। लेकिन दोनों ओर से बदस्तूर मोहब्बत जारी थी। जिसका परिणाम यह रहा कि शिवशंकर ने अपनी पत्नी को छोड़ ही दिया था। अभी दो माह पहले प्रीती व शिवशंकर अपत्तिजनक हालत में उसी कार्टन मील में पकड़े गये थे जहां अब लाश मिली । प्रीती की मोबाइल छीनकर बंदिश लगा दी गई। उसे पीटा भी गया। दोनो परिवारों में जमकर झगड़े हुई। सुबह प्रीती का शव कार्टन मील में और शिवशंकर का उसके घर में मिला। इस तरह दोनो की लव स्टोरी का दर्दनाक अंत हो गया।

पीएम रिपोर्ट खोलेगी राज
एसपी जमुनापार अशोक कुमार राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगा की प्रेमी ने ही युवती की हत्या कर खुद फांसी लगा ली, लेकिन लाश की स्थिति देखने के बाद मामला दूसरा ही समझ में आ रहा है। कुछ तो गड़बड़ है। दोनो की हत्या की पूर्ण आशंका है। दोनों लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत कैसे हुई है और दोनों की मौत की टाइमिंग क्या है। मौत की टाइमिंग पता चलने से काफी कुछ स्पष्ट हो जायेगा। फिलहाल जांच चल रही है।

धमकी हर दिन मिलती थी
शिवशंकर व प्रीति को हर रोज मार दिये जाने की धमकी मिला करती थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट प्रभारी मनीषा सिंह जब डॉग स्क्वॉयड के साथ जांच-पड़ताल करने पहुंचे तो खोजी कुत्ता घटनास्थल से अशोक प्रजापति के घर ही जा रहा था। वह एक बार भी शिवशंकर कुशवाहा के घर नहीं गया। जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को प्रीति की लाश के पास एक मोबाइल मिला, जिसमें अंतिम का कॉल शिवशंकर की बजाय किसी और की गई थी। अशोक प्रजापति ने मोबाइल छीन लिया था। ऐसे में मोबाइल मिलना भी कुछ कड़ी जोड़ेगा। प्रीति के गले पर चोट के निशान भी मिले हैं। गांव वालों ने बताया कि जब भी झगड़ा होता था प्रीति के परिवार वाले चिल्लाकर कहते थे कि यह परिवार की बेइज्जती करा रही है। इसका जिंदा रहना हमारी इज्जत के लिए ठीक नहीं है।












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