'यूपी में अब माफिया राज खत्म', मुख्तार अंसारी पर बोलीं कृष्णानंद राय की पत्नी
गैंगस्टर केस में मुख्तार को 10 साल की सजा हुई है। इस पर कृष्णानंद राय की पत्नी ने कहा कि अब यूपी में माफिया राज खत्म हो चुका है।

अतीक अहमद का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब मुख्तार अंसारी खबरों में छाया हुआ है। शनिवार को गैंगस्टर केस में गाजीपुर की MP-MLA कोर्ट ने उसे दोषी पाया। साथ ही 10 साल की सजा सुनाई। जिस पर अब दिवंगत बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय का बयान सामने आया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अलका ने कहा कि मैं न्यायपालिका में विश्वास करती हूं। गुंडों और माफिया का राज उत्तर प्रदेश में खत्म हो गया है। अलका ने मुख्तार को सजा दिलाने के लिए काफी लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है।
मुख्तार और उसका भाई था नामजद
आपको बता दें कि मुख्तार का नाम बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर रूंगटा की हत्या में आया था। इसके बाद 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। जिसमें मुख्तार, उसके भाई अफजाल और बहनोई एजाजुल हक का नाम था। हालांकि एजाजुल की मौत हो चुकी है।
5 लाख का जुर्माना लगा
वैसे तो मुख्तार को नियम के मुताबिक कोर्ट में पेश होना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से वो जेल में ही रहा। वहां से उसकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी करवाई गई। कोर्ट ने मुख्तार को 10 साल की सजा सुनाते हुए उस पर 5 लाख का जुर्माना भी ठोका।
कृष्णानंद राय को मारी थी 67 गोलियां
ये मामला 29 नवंबर 2005 का है। उस दिन कृष्णानंद राय एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर वापस आ रहे थे। रास्ते में मुख्तार के लोग उन पर घात लगाए बैठे थे, जैसे ही तय जगह पर उनका काफिला पहुंचा, वैसे ही AK-47 से फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें करीब 500 गोलियां दागी गईं। इसमें 67 गोली तो सिर्फ राय को लगी थी।
मुख्तार को मौत का डर?
हाल ही में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों पुलिस कस्टडी में थे और उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया था, तभी तीन लोगों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। इस घटना के बाद से मुख्तार भी डरा हुआ है। उसे जेल से बाहर आने पर हत्या का डर सता रहा है।












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