कश्मीर के हालात को मुंहतोड़ जवाब देगा स्पाइडर डिवाइस

सुकमा या फिर कश्मीर जैसे हमलों से लेकर पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर शिकंजा कसा जा सकता है। साथ ही देश के जवानों की रक्षा भी की जा सकती हैं...

वाराणसी। सीमा पर कायरतापूर्ण हो रहे हमलों में भारतीय जवानों की शहादत को देखते हुए युवा वैज्ञानिक श्याम चौरसिया ने एक बड़ी तरकीब निकाली है। श्याम ने सोलर स्पाइडर डिवाइस गन बनाई है जिससे इन कायर हमलावरों से निपटा जा सके। ये गन सोलर एनर्जी से संचालित है जो पूरी तरह से रेडियो फ्रीक्वेंसी से अपग्रेड है।

कायरों के हमले का खिलौना देगा जवाब

कायरों के हमले का खिलौना देगा जवाब

इससे सुकमा या फिर कश्मीर जैसे हमलों से लेकर पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर शिकंजा कसा जा सकता है। साथ ही देश के जवानों की रक्षा भी की जा सकती हैं। यही नहीं यंग इनोवेटर और प्राइवेट इंस्टीट्यूट में रिसर्च एंड डेवलपमेंट हेड श्याम चौरसिया ने OneIndia से ये भी बताया की इसे बनाने में महज 3500 रुपए खर्च हुए हैं और ये गन सेंसर, वॉकी-टॉकी सेंसर, रिमोट खिलौने के पार्टों से पूरा सर्किट डेवलपमेंट किया गया है। तो इसका इस्तेमाल बेस कैंप के साथ पेड़ों पर भी तैनात किया जा सकता है।

रेडियो फ्रीक्वेंसी और एनरॉयड सर्किट की मदद से होगा ऑपरेट

रेडियो फ्रीक्वेंसी और एनरॉयड सर्किट की मदद से होगा ऑपरेट

श्याम ने हमे बताया की इस गन को बनाने का काम तो बहुत पहले से चल रहा था पर वर्तमान में देश में हो रहे हमलों को देखते हुए मैंने इसे दिन-रात मेहनत कर तैयार किया है। श्याम ने इसके इस्तेमाल करने के तरीकों पर बताते हुए कहा कि गन के ऊपर रेडियो फ्रीक्वेंसी किट लगी है जिसे मैंने खुद डेवलप किया है। इसकी फ्रीक्वेंसी 100 मीटर है जो कंट्रोल रूम के लैपटॉप या कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा रहेगा। जैसे ही पेड़ पर या सरहद पर लगाए गन के रेंज में कोई आएगा, मोशन सेंसर एक्टिव हो जाएगा। फ्रीक्वेंसी के जरिए अलर्ट अलार्म कंट्रोल रूम में बजने लगेगा। गन में एनरॉयड फोन का पूरा सर्किट लगा है, जिसकी मदद से कोई भी सामने आएगा तो उसकी फोटो सेटिंग के हिसाब से क्लिक हो जाएगी। जो फ्रेक्वेंसी के जरिए कंट्रोल रूम तक चला जाएगा। ऑपरेट करने वाला जवान अगर फायर करना चाहता हो तो बटन दबाकर फ्रीक्वेंसी के जरिए ट्रिगर दबा सकता है। इसके आलावा इसे मोबाइल सर्किट, ह्यूमन सेंसर, मोटर, लाइन पाइप और डमी कारतूस के साथ बनाया गया है।

क्या कहते हैं जानकार?

क्या कहते हैं जानकार?

श्याम के इस डेवलपमेंट पर बीएचयू आईआईटी के प्रोफेसर पीके मिश्रा भी काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है की श्याम काफी टेलेंटेड लड़का है और इसने जो स्पाइडर गन बनाया वो महज एक मॉडल है। इसमें देखना होगा कि कंट्रोल रूम तक कितने देर में इन्फॉर्मेशन पहुंच रही है। वेदर का असर क्या होगा, जानवरों और पक्षियों पर सेंसर कैसे काम करता है? वहीं डीआरडीयो इस प्रजेक्ट पर गौर करे तो सेना को बहुत मदद मिल सकती है।

{promotion-urls}

अपने लॉन्च ऑफ कैम्पेन में मलाइका अरोड़ा, देखिए तस्वीरें

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+