Devendra Singh Chauhan बने यूपी के नए कार्यवाहक डीजीपी, जानिए उनके बारे में
Devendra Singh Chauhan बने यूपी के नए कार्यवाहक डीजीपी, जानिए उनके बारे में
लखनऊ, 13 मई: शासकीय कार्यों की अवहेलना करने और विभागीय कार्यों में रुचि न लेने के कारण मुकुल गोयल को डीजीपी पद से हटा दिया गया था। मुकुल गोयल को पद से हटाये जाने के बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इंटेलिजेंस के डीजी देवेंद्र सिंह चौहान को उत्तर प्रदेश का नया कार्यवाहक डीजीपी बनाया हैं। कार्यवाहक डीजीपी का मतलब यह हुआ कि जबतक राज्य में नए डीजीपी की तैनाती (नियुक्ती) नहीं हो जाती, तब तक वे ही कार्यभार संभालेंगे। आइए जानते है कौन हैं देवेंद्र सिंह चौहान।

1988 बैच के तेजतर्रार IPS अधिकारी हैं देवेंद्र सिंह चौहान
देवेंद्र सिंह चौहान (डीएस चौहान), उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के रहने वाले हैं और 1988 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। डीएस चौहान गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर, बुलंदशहर, रामपुर और प्रतापगढ़ के पुलिस कप्तान (एसएपी) रह चुके हैं। झांसी रेंज के डीआईजी और बरेली जोन के आईजी भी रह चुके हैं। दो बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर वर्ष 2006 से 2011 के बीच ब्यूरो आफ सिविल एविएशन में डीआईजी और 2016 से 2020 के बीच सीआरपीएफ में आईजी व एडीजी केपद पर तैनात रहे।

साफ सुथरी छवि वाले अधिकारियों में होती हैं डीएस चौहान की गिनती
देवेंद्र सिंह चौहान (डीसी चौहान) की गिनती काफी तेजतर्रार और साफ सुथरी छवि वाले अधिकारियों में होती है। वे 15 फरवरी 2020 से डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं और उनका रिटायरमेंट मार्च में होना है। इसके अलावा उनके पास डीजी विजलेंस का भी चार्ज है। बता दें कि डीएस चौहान को सीएम योगी आदित्यनाथ का काफी करीबी माना जाता है।

सबसे आगे था डीएस चौहान का नाम
डीजीपी की रेस में डीएस चौहान का नाम सबसे आगे था। हालांकि, डीएस चौहान के अलावा नए डीजीपी की रेस में आईपीएस अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा का नाम भी शामिल था। ये भी हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से यूपी लौटे हैं और वर्तमान में यूपी में तैनात हैं। इनके अलावा सीनियर आईपीएस आर पी सिंह और बी एल मीड़ा का नाम शामिल है जो नए डीजीपी की रेस में बताए जा रहे थे। फिलहाल डीजी देवेंद्र सिंह चौहान को उत्तर प्रदेश का नया कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया हैं।

UPSC को 20 नामों का पैनल भेजेगी UP सरकार
कार्यवाहक डीजीपी का मतलब यह हुआ कि जबतक राज्य में नए डीजीपी की तैनाती (नियुक्ती) नहीं हो जाती, तब तक डीएस चौहान ही कार्यभार संभालेंगे। हालांकि, डीजीपी मुकुल गोयल के हटने के बाद अब योगी सरकार नए डीजीपी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके तहत सरकार 20 नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग को भेजेगी। इसमें 3 बैच के सीनियर मोस्ट अधिकारियों का नाम भेजा जाएगा। इसमें से तीन नामों का पैनल आयोग की तरफ से सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद नए डीजीपी की नियुक्ति की जाएगी।

मुकुल गोयल नहीं कर पाए अपना कार्यकाल पूरा
उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल को सीएम योगी ने उनके पद से हटा दिया। वह केवल लगभग 13 महीने ही अपने पद पर रह पाए। उनके पास अभी लगभग 15 महीने का समय और था, लेकिन सीएम की नाराजगी की वजह से इनको हटना पड़ा। हालांकि, गोयल के पास इस बात का अधिकार है की वो अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं लेकिन ऐसा कदम उठाएंगे इसकी संभावना कम ही है।












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