सहारनपुर में मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सर्विसेज पर रोक, बड़े अधिकारी सस्पेंड
तीन हफ़्तों में चौथी बार हुई हिंसा के बाद इलाके में काफी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी सुरक्षा तैनात की गई है।
नई दिल्ली। यूपी के सहारनपुर में हालात ठीक नहीं है। एहतियातन मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सर्विसेज पर रोक लगा दी गई है। जिला प्रशासन के मुताबिक किसी भी तरह के अफवाह से बचने के लिए ये कदम उठाया गया है।

सहारनपुर में जातीय संघर्ष के बीच हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रही है। सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह और एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे को सस्पेंड कर दिया गया। डिवीजनल कमिश्नर और डीआईजी का भी तबादला हुआ है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे और जिलाधिकारी एनपी सिंह को हटाया गया है जबकि मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) जेके शाही को भी स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने को लेकर नाराजगी जताई है। तीन हफ़्तों में चौथी बार हुई हिंसा के बाद इलाके में काफी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी सुरक्षा तैनात की गई है। प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर हालात पर काबू पाने की कोशिश में लगे हैं। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया कर कहा है कि वो सहारनपुर की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
मंगलवार को मल्हीपुर रोड पर हुई हिंसा में मारे गये आशीष के परिजनों को राज्य सरकार ने 15 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस मामले में बीजेपी ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर राजनीतिक रोटी सेकने का आरोप लगाया है। वहीं मायावती ने बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है।












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