सऊदी में गुलाम बने युवक को सुषमा स्वराज ने बचाया, भारत लौटा

कौशांबी का एक युवक पैसा कमाने का सपना लेकर सऊदी अरब गया था लेकिन वहां गुलाम बना लिया गया। सुषमा स्वराज के प्रयासों से उसकी घर वापसी हुई।

इलाहाबाद। सऊदी अरब में कमाने गया कौशांबी का युवक पिछले दो साल से अरबी मालिक की गुलामी झेल रहा था। लेकिन भाजपा सांसद विनोद सोनकर की लीक से हटकर मदद के बाद भारतीय कामगार भारत आने में सफल रहा। दिल्ली पहुंचते ही सांसद विनोद सोनकर से मुलाकात कर युवक ने घर वालों को फोटो भेजी और अब परिवार रिश्तेदार से लेकर हर तरफ मोदी सरकार की जय-जयकार हो रही है।

सऊदी में गुलाम बने युवक को सुषमा स्वराज ने बचाया, भारत लौटा

सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी के लिये गये इस युवक का पासपोर्ट अरबी मालिक ने जब्त कर लिया था। तनख्वाह नहीं मिल रही थी। बामुश्किल परिजनों को अपनी खैरियत की सूचना दे पाता था। कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर से पत्नी ने पति को किसी तरह हिंदुस्तान ले आने की गुहार लगाई थी । जिसके बाद सोनकर ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर युवक के वापसी का रास्ता खोजा । फिर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद सऊदी में यातना झेल रहे कौशांबी के इस युवक की वापसी हो गई ।

सऊदी में गुलाम बने युवक को सुषमा स्वराज ने बचाया, भारत लौटा

गया था टैक्सी चलाने, चराने लगा ऊंट
मामला कौशांबी जिले का है। यहां चायल कस्बा निवासी तुलसी देवी की शादी लगभग तीन साल पहले कानपुर के अकबरपुर बखरा में अजय सिंह से हुई थी। शादी के बाद पति अजय ससुराल में ही रहने लगा। दो साल पहले अजय पैसा कमाने के लिये खाड़ी देश सऊदी अरब गया। वहां उसे रियाद शहर में गाड़ी चलाने का काम बताकर एजेंट ने भेजा था। लेकिन सऊदी पहुंचने के बाद अजय के पैरों तले जमीन खिसक गई । उसे एक अरबी के घर में बतौर गुलाम बना दिया गया। अरबी के घर उसका पासपोर्ट रख लिया गया और ऊंट चराने के साथ घर की साफ-सफाई का काम दे दिया गया। अजय को पता चल गया था कि वह ठगा जा चुका है। लेकिन उसे इंतजार था तनख्वाह मिलने का। ताकि वह यहां से निकल सके। लेकिन महीने भर बाद जब पैसे भी नहीं मिले तो उसने घर फोन कर यहां के हालात बताये।

मिलने लगी यातना
महीनो तो अजय को दिलासा दिया जाता रहा कि उसे इकट्ठे पैसे दिये जायेंगे। वह कुछ दिन काम कर ले। जैसे तैसे 6 महीने गुजरे तो अजय ने घर जाने के लिये पैसे मांगे। पैसे के बदले उसे गालियां मिली और धमकाकर काम कराया जाने लगा कि एक साल बाद जाना। जब एक साल गुजर गया तो अजय ने फिर से घर जाने की जिद पकड़ ली। लेकिन अब तो अरबी मालिक ने घर भेजने से ही इंकार कर दिया। गाली-गलौच के साथ उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। अब अजय फोन कर पत्नी व परिजनों से रो रोकर अपना दुखड़ा सुनाता। लेकिन चाहकर भी न परिजन कुछ कर पा रहे थे और न ही अजय । लोगों ने सलाह दी कि भारतीय दूतावास से संपर्क करो लेकिन उसे कहीं जाने नहीं दिया जाता था।

तुलसी बनी रोशनी
पति को भारत वापस लाने के लिये तुलसी ने दौड़ भाग शुरू की तो नवंबर 2016 में सांसद विनोद सोनकर से मुलाकात हुई। रो रोकर तुलसी ने अपने सूने आंगन की व्यथा सुनाई तो विनोद सोनकर ने आश्वासन दिया कि वह हर संभव मदद करेंगे और अजय जरूर हिंदुस्तान लौटेगा। सोनकर ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से सऊदी के भारतीय दूतावास से संपर्क किया और अजय के बारे में पूरी जानकारी ली। फिर उसे वहां से निकालने के लिये दूतावास ने रास्ता सुझाया । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मामले में हस्तक्षेप किया और सऊदी अरब के राजदूत से अजय की वतन वापसी की बात कही। लगभग 6 महीने से यह प्रक्रिया चलती रही और अब जाकर अजय वापस हिंदुस्तान लौट सका।

क्या कह रहा अजय
अजय ने फोन पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुये कहाकि उसे तो लगने लगा था कि वह कभी वापस नहीं आ पायेगा। लेकिन मोदी जी की सरकार उसे वापस ले आयी। उसे नया जीवनदान मिला है। अपने देश आकर ऐसा लग रहा है जैसे वह वर्षो से किसी कमरे में बंद था।

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