'भारत ना कभी हिंदू राष्ट्र था और ना है', मोहन भागवत के बयान पर बोले स्वामी प्रसाद मौर्य
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर हिंदू राष्ट्र के दावे को गलत बताया। उन्होंने इस बार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर टिप्पणी की है। India was never a Hindu nation says Swami Prasad Maurya
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत के एक बयान को लेकर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने टिप्पणी की। मौर्य ने आधिकारिक एक्स हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर दिए एक बयान में आरएसएस प्रमुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत कभी हिंदू राष्ट्र नहीं रहा। भारत हमेशा से सभी धर्मों और संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले धर्मनिरपेक्ष संविधान पर आधारित एक बहुलवादी राष्ट्र रहा है। सपा नेता मौर्य का ये बयान आर
स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार को एक बार फिर से भारत के हिंदू राष्ट्र होने से इनकार करते कहा कि ये देश बहुलवादी परंपरा वाला रहा है। उन्होंने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में लिखा, "भारत एक हिंदू राष्ट्र नहीं है, और यह कभी नहीं था। भारत स्वाभाविक रूप से एक बहुलवादी राष्ट्र है। हमारा संविधान एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के विचार पर आधारित है। भारत में सभी लोग भारतीय हैं। हमारा भारतीय संविधान सभी धर्मों, आस्थाओं, संप्रदायों और संस्कृतियों के प्रतिनिधित्व का प्रतिनिधित्व करता है।"

इससे पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने वन नेशन- वन इलेक्शन पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने केंद्र कए इस निर्णय को संविधान विरोधी बताया था। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, "वन नेशन-वन इलेक्शन लोकतंत्र की हत्या कर राजतन्त्र की स्थापना का सरकार का कुत्सित प्रयास है, यह निर्णय संविधान विरोधी है। सरकार के इस निर्णय की घोर भर्तस्ना करता हूं। लोकतंत्र को बचाने के लिये सभी को एकजुट हो जाना चाहिए, गफलत में रहोगे तों संविधान बदल देंगे।'
स्वामी प्रसाद ने हाल में एक्स (पूर्व में ट्विटर) संघ प्रमुख के उस बयान को निशाना बनाय है जो उन्होंने नागपुर के 'मधुकर भवन' उद्घाटन समारोह में दिया था। यहां मंच से मोहन भागवत ने कहा था कि भारत एक 'हिंदू राष्ट्र' है और सभी भारतीय हिंदू हैं और हिंदू सभी भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह एक तथ्य है, वैचारिक रूप से सभी भारतीय हिंदू हैं और हिंदू का मतलब सभी भारतीय हैं। वे सभी जो आज भारत में हैं, वे हिंदू संस्कृति, हिंदू पूर्वजों और हिंदू भूमि से संबंधित हैं, इनके अलावा किसी और से नहीं।" संघ प्रमुख ने आगे कहा कि कुछ लोग तो समझ गए हैं, जबकि कुछ ऐसे हैं जो इस पर अमल नहीं कर रहे। वहीं कुछ ऐसे भी गैं जो इसे अब तक समझ नहीं सके।












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