बहराइच: बाढ़ से हालात हुए बेकाबू, गांवों में मचा हाहाकार

बहराइच। घाघरा में बढ़ते जलस्तर के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। महसी और जरवल के 32 से अधिक गांव के 106 मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जरवल में एक गांव का संपर्क मुख्य मार्ग के पुल पर पानी आने से टूट गया है। वहीं महसी में तीन मकान भी कट गए हैं। नाव के सहारे प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने में जुटा हुआ है। एनडीआरएफ की टीमें लगी हुई है। उधर रेलवे ने एल्गिन ब्रिज पर कासन लगाते हुए ट्रेनों की रफ्तार घटा दी है। बेकाबू होते हालातों को देखते हुए जिलाधिकारी व एसपी ने अफसरों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। सभी जगह लंगर चलाए जाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

ट्रेनों की स्पीड भी हुई धीमी

ट्रेनों की स्पीड भी हुई धीमी

घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर 106.736 मीटर पहुंचकर स्थिर हो गया है। घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 66 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। एल्गिन ब्रिज पर बढ़ते पानी को देखते हुए रेलवे ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। लखनऊ-गोरखपुर रेल खंड पर रेलवे ने कासन लगा दिया है। रेलवे के पीडब्ल्यू आई राजाराम यादव का कहना है कि एल्गिन ब्रिज पर सुपरफास्ट ट्रेनों को 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गुजारा जा रहा है। जिससे किसी अनहोनी की घटना से बचा जा सके। उधर बाढ़ के हालात जरवल क्षेत्र में बेकाबू हो चुके हैं। जरवल के नासिरगंज, रेतीहाता, सप्सा दिकौलिया, रंगीलालपुरवा, हंसरामपुरवा, सहजरामपुरवा, जानकीपुरवा समेत लगभग 12 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

3 हजार लोगों पर आया संकट

3 हजार लोगों पर आया संकट

वहीं सुंदरलालपुरवा जाने वाले पुरैनी पुल पर कमर से ऊपर पानी बहने लगा है। जिससे जहां राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह टूट चुका है। लगभग तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। एसडीएम पंकज कुमार ने गांवों का दौरा कर राहत सहायता का वितरण किया है। उधर महसी के बिसवां में घाघरा का जलस्तर 112.9 मीटर पर स्थिर हो गया है। यहां के भौंरी, घुरेहरीपुर, तूलापुर, चरीगाह, अहिरनुपरवा, संगवा, समदा, अलीपुर दरौना, नागेश्वरपुरवा, जरमापुर, पचासा, मंगलपुरवा, पिपरा आदि गांव बाढ़ से पूरी तरह घिर गए हैं। जरमापुर गांव निवासी मुसुद्दीन, सकीना, इस्माइल के मकान भी नदी में कट गए हैं। अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि नानपारा तहसील के 19, कैसरगंज के नौ गांवों के 31 मजरे तथा महसी के 18 गांवों के 56 मजरें बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।

जिलाधिकारी ने किया दौरा

जिलाधिकारी ने किया दौरा

जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बाढ़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना व एडीएम संतोष कुमार राय, एसडीएम नागेंद्र कुमार के साथ गोलागंज कायमपुर, मंगलपुरवा, मैकूपुरवा, राजीचौराहा समेत अन्य गांवों का दौरा किया। जिलाधिकारी ने बाढ़ पीड़ितों को पॉलीथीन व खाद्यान्न का वितरण भी किया। एडीएम ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए महसी में 55 नाव लगा दी गई हैं। लेखपालों को ड्यूटी पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

नागेश्वरपुरवा से निकाले जा रहे बाढ़ प्रभावित

नागेश्वरपुरवा से निकाले जा रहे बाढ़ प्रभावित

महसी के तहसीलदार राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि नागेश्वरपुरवा गांव में सैकड़ों लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। उन्हें एनडीआरएफ के कमांडेंट आलोक कुमार सिंह की अगुवाई में बरुहा बेहड़ गांव में फंसे करीब 330 लोगों को सुरक्षित निकालकर बाहर पहुंचाया है। दो दिनों से लगातार एनडीआरएफ कीटीम बचाव कार्य में लगी हुई है। निरीक्षक संजीव कुमार की देखरेख में अभी तक लगभग 550 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है।

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