Puri Temple: पुरी मंदिर में गरमाया गैर-हिंदू प्रवेश का मुद्दा, हेमा मालिनी के खिलाफ शिकायत
Hema Malini Puri Temple: पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी के दर्शन करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय संगठन ने उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गैर-हिंदुओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित है, लेकिन इसके बावजूद हेमा मालिनी ने मंदिर में दर्शन किए। इस मामले में पुरी के सिंहद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, हेमा मालिनी ने खुद को सनातनी हिंदू बताते हुए किसी भी तरह के विवाद से इनकार किया है।

मंदिर में दर्शन के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, शनिवार को मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए थे। इस दौरान उनके साथ पुरी के सांसद संबित पात्रा भी मौजूद थे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब हेमा मालिनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो स्थानीय संगठन 'जगन्नाथ सेना' ने इसे लेकर आपत्ति जताई।
संगठन ने आरोप लगाया कि मंदिर में प्रवेश के लिए धर्म की पुष्टि करने के बाद ही अनुमति दी जाती है। उनका दावा है कि हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से विवाह के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था, इसलिए उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करना चाहिए था।
जगन्नाथ सेना की शिकायत के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। कई लोगों ने इसे धार्मिक मान्यताओं से जोड़ते हुए बहस शुरू कर दी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि दर्शन के दौरान कोई विवाद नहीं हुआ और प्रवेश के नियमों का पालन किया गया था।
इस मामले पर हेमा मालिनी ने कहा कि वह जन्म से हिंदू हैं और सनातन धर्म को मानती हैं। उन्होंने इस विवाद को निराधार बताते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए गए हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी मंदिर में प्रवेश से रोका गया था। सेवायतों का कहना था कि इंदिरा गांधी ने एक पारसी, फिरोज गांधी से विवाह किया था, इसलिए उन्हें हिंदू नहीं माना गया।
इसके अलावा, कई विदेशी पर्यटकों और अन्य धर्मों के लोगों को भी मंदिर में प्रवेश से रोका गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किया जाता है।
इस पूरे विवाद पर हेमा मालिनी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें दर्शन के दौरान किसी भी तरह की आपत्ति का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि 2014 में मथुरा से सांसद बनने के दौरान भी कुछ लोगों ने उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए थे, लेकिन जांच में यह आरोप गलत साबित हुए थे।












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