बनारस: तालाब बनीं सड़कें, क्या ऐसे ही बनेगा मोदी के सपनों का क्योटो?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही काशी को क्योटो बनाने का सपना दिखा वाराणसी में विकाय कार्यों की शुरूआत की है लेकिन कुछ दिनों की बारिश ने विकास के इस दावे की पोल खोल कर रख दी हैं।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही काशी को क्योटो बनाने का सपना दिखा वाराणसी में विकाय कार्यों की शुरूआत की है लेकिन कुछ दिनों की बारिश ने विकास के इस दावे की पोल खोल कर रख दी हैं। आज सुबह की बारिश के बाद बनारस की गलियां और सड़कें तालाब के रूप में तब्दील हो गयी और यहां आने वाले कावड़ियों और सैलानियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा।

ऐसे चाय पी रहे हैं लोग
बनारस के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते में बीतें दिनों जो सड़क करीब 15 फीट धंस गयी थी उसे भी प्रशासन और नगर निगम ठीक से बना नहीं पा रहा हैं। बारिश के चलते उसी स्थान पर दोबारा करीब 10 फीट चौड़ा गढ्ढा हो गया हैं। लोगो के घरों में बारिश का पानी घुस गया है। कईयों ने तो सुबह की चाय भी परिवार के साथ घुटने भर जलजमाव में पिया। यदि ऐसे ही हालत रहे तो बनारस मोदी के सपनो क्योटो कैसे बन पाएगा?

घरो में घुसा पानी तो रेलवे ट्रैक भी हुए जलमग्न
आज सुबह बारिश होने के बाद बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन के कालोनियों से लेकर स्टेशन के बाहार तक घुटने तक जलमग्न सड़के हर कोई देख कर घबरा गया। यही नहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण यहां से गुजरने वाली ट्रेने भी प्रभावित हो गयी। हर कोई इस बला से जैसे तैसे बचने का प्रयास कर रहा था। स्टेशन के पास के ऑफिसर कालोनी और डाक्टरों के घरो में भी पानी अंदर चला आया था। घरों में रहने वाले खुद अपने हाथों से पानी के निकासी का रास्ता बनाने में लगे हुए थे।

अधिकारी काट रहे कन्नी
आज के बारिश के बाद निगम से जुड़े हुए अधिकारी अब बात करने तक को तैयार नहीं हैं। दरसअल काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले मार्ग पर जहां से कावड़ियों को गुजरना होगा उस रास्ते पर पांच दिनों पहले बना हुआ एक गढ्ढा, फिर से अधिकारियों और सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। जहां बीतें दिनों 15 फीट का गढ्ढा हुआ था वहीं फिर से एक 10 फुट का गड्ढा बन गया है। इसकी जिम्मेदारी लेने की बजाय निगम के अधिकारी दूसरे विभागों पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं।

नगर निगम पर घोटाले का आरोप
सपा पार्षद रविकांत विश्वकर्मा ने नगर निगम पर सीवर की सफाई को लेकर आरोप लगते हुए कहा कि वाराणसी के सीवर सफाई के लिए हर साल करोड़ो रूपये का टेंडर जारी किया जाता हैं। जो संस्था इसकी सफाई करती है वो पुरे साल सीवर की सफाई करने के साथ ही बरसात आने के पहले बनारस के सभी सीवरों में जमा हुए कीचड़ को निकालती है जिससे बारिश के मौसम में जमा होने वाला पानी आसानी से निकल जाये लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। रविकांत ने नगर निगम और महापौर पर आरोप लगते हुए कहा की एक तरफ मोदी जी काशी के विकास के लिए विकास की योजनाएं बना रहे हैं दूसरी ओर उन्ही की पार्टी के पार्षद और महापौर सफाई के लिए आये फण्ड को अपने जेब में डालकर बैठ गए हैं जिसका प्रणाम आज सभी के सामने हैं।












Click it and Unblock the Notifications