गोरखपुर: दो सगे भाइयों ने मिलकर की थी बड़े भाई इमरान की हत्या, ये थी वजह
गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस ने चर्चित इमरान हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। दरअसल मृतक के सगे भाइयों ने ही हत्या की खौफनाक साजिश रची थी। इतना ही नहीं कि हत्या के बाद मृतक की पत्नी समेत उसके चार भाइयों को ही इमरान हत्याकांड के लिए नामजद कराया गया था। हालांकि पुलिस की तफ्तीश में हत्याकांड का सफल अनावरण हुआ है। इमरान हत्याकांड में शामिल रहे दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही हत्यारोपियों के पास से पुलिस ने आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है। वहीं इमरान हत्याकांड के मास्टरमाइंड दोनों सगे भाईयों समेत मुख्य हत्यारोपी की पुलिस को तलाश है। फिलहाल इमरान हत्याकांड के बाद हम सब के जेहन में है कि आखिर वह कौन सी वजह थी जो कि खून के रिश्तों पर भारी पड़ी है।

गोरखपुर की चिलुआताल पुलिस ने चर्चित मर्डर मिस्ट्री इमरान हत्याकांड का सफल खुलासा किया है। दरअसल इसी माह की बीते 2 तारीख को सीमेंट कारोबारी इमरान की चिलुआताल थाना के मजनू इलाके के निर्माणधीन फोरलेन के पास से लाश मिली थी। बदमाशों ने लोहे की भारी चीज से सिर पर वार कर वारदात को अंजाम दिया था। वहीं मृतक इमरान के शव को कब्जे में लेकर चिलुआताल पुलिस ने अपनी जांच शुरू की थी। जबकि मृतक इमरान के बड़े भाई गुलजार ने हत्या के लिए मृतक की पत्नी शीबा समेत उसके चार भाईयों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। वहीं मामले की गहराई से जांच में विवेचक अनुज सिंह को मृतक इमरान और उसके बड़े भाई जुल्फिकार से कुछ दिनों से कारोबारी विवाद चल रहा था। इसके साथ ही मृतक इमरान का अपनी पत्नी शीबा से भी अनबन चल रहा था। हालांकि बीते 29 अप्रैल की तारीख को इमरान और उसकी पत्नी के बीच समझौता हो गया था। दिलचस्प है कि इमरान और उसकी पत्नी के बीच समझौते की बात जुल्फिकार और इरफान को काफी नगावार गुजरी।

दरअसल मृतक इमरान के दोनों सगे भाई जुल्फिकार और इरफान पति-पत्नी के बीच समझौता नहीं चहा रहे थे। ऐसे में एक तरफ कारोबारी रंजिश और दूसरी तरफ पारिवारिक कलह को लेकर इमरान के भाइयों ने मौत की पटकथा लिख डाली। वहीं मृतक के भाई जुल्फिकार ने अपने करीबी सीमेंट कारोबारी तीरथ साहनी के साथ मिलकर इमरान की मौत की साजिश रच डाली। हैरानी की बात ये है कि हत्याकांड के बाद मृतक की पत्नी और उसके चार भाईयों के खिलाफ हत्यारों ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। गनीमत ये रही है कि पुलिस ने गहराई से तफ्तीश में नामजद आरोपी निर्दोषों मिले हैं।
गिरफ्त में आए हत्यारोपी जगलाल ने बताया है कि दरअसल सीमेंट कारोबारी तीरथ साहनी ने ही उसे और अजय यादव को बीस-बीस हजार की सुपारी का लालच देकर हत्याकांड में शामिल कराया था। जगलाल के मुताबिक तीरथ साहनी से हिसाब करने के बहाने निर्माणधीन फोरलेन के पास धोखे से इमरान को बुलाया था। जहां लोहे के राड से इमरान के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी थी। जबकि अपने ही पति की मौत के लिए कसूरवार बताई जा रही इमरान की पत्नी ने गमजदा नजर आई। साथ ही मासूम बच्ची के साथ पति की मौत पर दुख बयां किया है।
वहीं सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुये सीओ कैंपियरंगज प्रभात राय ने मीडिया को बताया है कि दरअसल इमरान की मर्डर मिस्ट्री को उलझाने की उसके भाईयों की काफी तगड़ी प्लानिंग थी। सीओ के मुताबिक मृतक इमरान के भाई जुल्फिकार और इरफान ने कारोबारी विवाद के साथ घरेलू कलह की वजह से हत्या की साजिश रची थी। खासकर घरेलू विवाद अनबन के बाद मृतक इमरान का अपनी पत्नी से समझौता होना दोनों भाईयों को रास नहीं आया था। ऐसे में दोनों भाइयों ने अपने ही सगे भाई की खौफनाक हत्या की साजिश रची थी। फिलहाल दो हत्यारोपियों को पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जबकि हत्यारोपी दोनों सगे भाइयों समेत मुख्य हत्यारोपी सीमेंट कारोबारी तीरथ साहनी की गिरफ्तारी में जुट गई है।
निश्चित तौर पर चर्चित इमरान हत्याकांड के खुलासे को लेकर गोरखपुर पुलिस पर काफी दबाव था। जबकि मृतक की पत्नी और उसके भाईयों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। लेकिन बावजूद इसके चिलुआताल थाने के थानेदार अनुज सिंह ने अपनी तफ्तीश के दौरान नामजद आरोपियों के साथ ही घटना के दूसरे पहलूओं की बरीकी से जांच कर सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा किया है। साथ ही निर्दोषों को सलाखों के पीछे जाने से बचाया है।












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