यूपी की नई विधानसभा के आंकड़े: दागी विधायक घटे, करोड़पति बढ़े
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में दागी विधायकों की संख्या 2012 के मुकाबले में 24 फीसदी घटी है। वहीं करोड़पति विधायकों की संख्या 19 फीसदी बढ़ी है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश चुनाव में सभी प्रमुख दलों ने आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों को टिकट देने में कोई कोताही नहीं की थी लेकिन जनता ने इस बार 2012 के मुकाबले साफ छवि के प्रत्याशियों को लखनऊ भेजा है। एक तरफ जहां इस बार विधानसभा में दागी कम हुए हैं तो वहीं करोड़पति बढ़ गए हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में दागी विधायकों की संख्या 2012 की तुलना में 24 फीसदी घटी है। वहीं करोड़पति विधायकों की संख्या 19 फीसदी बढ़ी है। उम्र की बात की जाए तो इस बार विधानसभा में आधे विधायक 50 साल से कम उम्र के हैं, जबकि आधे 50 से ज्यादा उम्र के हैं।
2012 में 189 विधायकों पर आपराधिक मुकदमें थे, जबकि इस बार 143 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 143 आपराधिक छवि वाले विधायकों में 114 भाजपा जबकि 14 सपा और पांच बसपा के हैं। तीन विधायक निर्दलीय हैं जिन पर गंभीर मुकदमें दर्ज हैं। तीनों विधायक अपने-अपने क्षेत्र के बाहुबली माने जाते हैं।
नई विधानसभा में 36 फीसदी विधायक आपराधिक मामलों में आरोपी हैं जिनमें 26 फीसदी पर गंभीर अपराधों के केस दर्ज हैं। वहीं 2012 में विधायकों की औसत संपत्ति 3.36 करोड़ थी जो इस बार बढ़कर 5.92 करोड़ हो गई है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ 325 सीट जीतकर बहुमत हासिल किया है।












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