मऊ: 'गधे' के अपमान के विरोध में धोबी संघ ने किया मतदान का बहिष्कार
जिस प्रकार से चुनावी मौसम में गधों का अपमान हुआ है, उससे धोबी समाज काफी दुखी है। बैठक के दौरान ये निर्णय लिया गया कि गधों का अपमान करने वाले जब तक माफी नहीं मांगते उनका विरोध होगा।
मऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण के मतदान के बाद गधों का मुद्दा काफी प्रमुख हो गया है। चुनाव में जनसभा के दौरान विकास का मु्द्दा गायब है और केवल गधे का मुद्दा चल रहा है। ऐसे में अब पूर्वांचल के मऊ जिले से कथित तौर पर गधों के अपमान के विरोध में आवाज उठनी शुरु हो गई है। गधों के अपमान पर धोबी संघ ने विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।

मऊ जिले के रतनपुरा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर पर इसके लिए बकायदा धोबी संघ की बैठक भी हुई। जिसमें वक्ताओं ने गधों के अपमान का विरोध किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अक्षय लाल कन्नौजिया ने कहा कि गधे ही हमें रोजी-रोटी देते हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान नेताओं ने गधों का अपमान कर ठीक नहीं किया है। नेताओं ने जिस तरह से गधों का अपमान किया गया है। ऐसे में धोबी समाज ने चुनाव का बहिष्कार करने का मन तुरंत बना लिया। वहीं मोती, धोबी समुदाय ने कहा की गदहों के साथ-साथ शीतला माता का भी अपमान हुआ है क्योंकि गधा शीतला माता की सवारी है।
ऐसे में जिस प्रकार से चुनावी मौसम में गधों का अपमान हुआ है। उससे धोबी समाज काफी दुखी है। बैठक के दौरान ये निर्णय लिया गया कि गधों का अपमान करने वाले जब तक माफी नहीं मांगते उनका विरोध होगा। साथ ही चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में धोबी समाज के कई नेता मौजूद थे जिनमें अरविंद कन्नौजिया, संजय, विजय कन्नौजिया, गोपाल कन्नौजिया, अखिलेश चौधरी आदि लोग मौजूद थे।












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