• search

3 साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को सजा-ए-मौत, 29 दिन में सुनाया ऐतिहासिक फैसला

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में अगस्त माह में तीन साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले वहशी दरिंदे को पॉक्सो कोर्ट ने मृत्यु दण्ड की सजा से दण्डित करने की सजा सुनाई है। आरोपी बर्तन बेचने के बहाने पीड़िता की नानी के घर में घुसा था और उसके साथ दरिंदगी करके भाग गया था।  पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता देख फुर्ती से जांच कर कोर्ट में 10 दिन के भीतर चार्जशीट फाईल कर दी। इसके बाद अदालत ने 29 दिनों में सुनवाई कर आरोपी को मृत्युदण्ड देते हुए फांसी की सजा सुनाई। पिता ने रूआंसे गले और धूजते हुए होंठों से कहा कि मेरा परिवार चाहता था निर्दयी आरोपी को मृत्युदंड मिले। जानकारी के अनुसार प्रदेश का छठा आरोपी है, जिसे पोक्सो में मृत्युदंड मिला है।

    convicted of rape of 3 year old girl rewarded by Death penalty, historic judgment pronounced in one month

    झुंझुनू जिले के मलसीसर गांव में 2 अगस्त को तीन साल की मासूम अपनी नानी के घर में अकेली खेल रही थी। इसी दौरान दौसा का रहने वाला विनोद बर्तन बेचने गांव में आया था। बच्ची को अकेला खेलते देख वह बाइक खड़ी करके घर में घुस गया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करके उसे लहुलुहान हालत में छोड़कर भाग छूटा। आरोपी विनोद को घर से निकलते पीड़िता की नानी ने देख लिया। उसने आनन फानन में घर में जाकर देखा तो उसके होश फाख्ता हो गए। उसने चीख पुकार कर आरोपी को पकड़ने के लिए आस पड़ोसियों को कहा लेकिन तब तक वह भाग चुका था। इसके बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के 24 घंटे के अंदर अंदर आरोपी को गिरफ्तार किया और 10 दिन में ही चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी। पोक्सो कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और महज 29 वें दिन आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

    दिल की मरीज भी है मासूम
    बताया जा रहा है कि मासूम चुरू जिले की रहने वाली है। उसे दिल की बीमारी होने के कारण ही वह जुलाई माह में अपनी नानी के यहां उपचार करवाने आई थी। घटना वाले दिन नानी अपने रिश्तेदार के यहां छाछ लेने गई थी और इसी अंतराल में आरोपी विनोद ने मासूम के साथ दुष्कर्म कर दिया।

    पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश निरजा दाधीच ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं इस दौरान 19 गवाहों के बयान भी पंजीबद्ध करवाए गए। एपीपी लोकेंद्रसिंह खुडानिया ने बताया कि इस तरह का यह पहला फैसला है। जो चालान होने के 19वें दिन हो गया हो। आपको बता दें कि दो साल पहले 2016 में भी 12 अगस्त को सीतसर की छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और इसके बाद उसकी हत्या के मामले में करीब 10 माह में कोर्ट ने मृत्युदंड का फैसला दिया था। पोक्सो के मामलों में अब तक यह राज्य का पहला सबसे तेज फैसला है। साथ ही अब तक इस समेत पांच मामलों में छह जनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है। फैसले के बाद पीडि़ता के पिता ने भी इसे सही फैसला बताया है। रूआंसे गले और धूजते होंठों से पिता ने कहा कि परिवार को इसी फैसले की उम्मीद थी। ताकि समाज के वहशियों के मन में डर हो और वे कानून से भी डरे। आपको यहां यह भी बता दें कि पीडि़ता मूल रूप से चूरू जिले के बेंगू गांव की रहने वाली है।

    पॉक्सो में अब तक मृत्युदंड

    - झालावाड़ में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या : करीब छह महीने बाद मिला आरोपी को मृत्युदंड
    - अलवर में सात माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना : करीब साढ़े तीन महीने बाद मिला आरोपी को मृत्युदंड
    - बाड़मेर में 12 साल की मासूम से दुष्कर्म करने के बाद हत्या : करीब साढ़े पांच साल बाद मिला दो आरोपियों को मृत्युदंड
    - झुंझुनूं में छह साल की मासूम से दुष्कर्म करने के बाद हत्या : करीब 10 माह बाद मिला आरोपी को मृत्युदंड

    ये भी पढ़ें- शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    convicted of rape of 3 year old girl rewarded by Death penalty, historic judgment pronounced in one month

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more