• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में नहीं दिखी सबसे बड़े राज्य की चिंता, बिन UP कैसे उबरेगी कांग्रेस

|
Google Oneindia News

लखनऊ, 17 मई : उत्तर प्रदेश में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका लगा था। देश के सबसे बड़े राज्य में कांग्रेस केवल दो सीटों पर सिमटकर रह गई थी। यूपी में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस ने उदयपुर में चिंतन शिविर आयोजित किया। कहने को तो ये चिंतन शिविर था लेकिन इसमें देश के सबसे बड़े राज्य में कांग्रेस की हो रही बुरी गत को लेकर कोई चिंता नहीं दिखी। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक चिंतन शिविर में यूपी में हुई हार को लेकर कोई चिंता नहीं दिखी न ही वहां यूपी से जनाधार वाले नेताओं को बुलाया गया था। इसमें सबसे रोचक यह रहा कि चिंतन शिविर में काशी से भी प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं था।

प्रियंका गांधी

चिंतन शिविर में नहीं दिखी यूपी की चिंता

कांग्रेस के अंदर बदलाव को लेकर उदयपुर में चिंतन बैठक हुई लेकिन इस बैठक में देश के सबसे बड़े राज्य यूपी को लेकर कोई खाका नहीं तैयार किया गया। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक चिंतन शिविर में यूपी कांग्रेस के कुछ ही नेताओं को बुलाया गया था और उनमें भी वो लोग शामिल थे जिनका अपना कोई जनाधार नहीं है। प्रमोद कृष्णम, इमरान प्रतापगढ़ी और पीएल पुनिया कांग्रेस के चिंतन शिविर में दिखाई दिए थे। बताया जा रहा है कि चिंतन शिविर में बनारस से किसी को नहीं बुलाया गया था। बनारस एक तरह से यूपी की राजनीति की धूरी बना हुआ है लेकिन वहां से किसी को चिंतन शिविर में नहीं बुलाना ही कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।

पिछले कई चुनावों से लगातार गिर रहा कांग्रेस का ग्राफ

जिस पार्टी ने 1989 तक उत्तर प्रदेश पर शासन किया था, वह 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों में सिर्फ दो सीटें जीत सकी थी। वास्तव में, 2012 के विधानसभा चुनावों के बाद से कांग्रेस का प्रदर्शन नीचे की ओर रहा है, जब पार्टी ने 11.63 के साथ 28 सीटें जीती थीं। 2017 में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ने पर इसकी संख्या 6.56 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सात सीटों पर आ गई। हालांकि, हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में, कांग्रेस की सीटों और वोट शेयर दोनों में भारी गिरावट आई है। जहां पार्टी की सीटों की संख्या घटकर दो रह गई, वहीं उसका वोट शेयर भी गिरकर 2.33 प्रतिशत रह गया। यूपी में पार्टी इकाई में नई जान फूंकने के लिए किसी वरिष्ठ नेता के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन है, जैसा कि अब तक की प्रथा रही है। .

कांग्रेस

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने की लिस्ट में कई नाम

इस बीच, यूपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री, पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और पीएल पुनिया, पार्टी के संचार प्रकोष्ठ के प्रमुख नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आचार्य प्रमोद कृष्णम और नदीम जावेद सहित राज्य के कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। यूपीसीसी प्रमुख पद के संभावित दावेदार के रूप में। हालांकि, लल्लू के इस्तीफे के बाद से यूपी कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। अब पार्टी की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों की देखरेख वरिष्ठ महासचिव दिनेश सिंह कर रहे हैं।

पार्टी की हार के बाद अजय कुमार लल्लू ने दे दिया था इस्तीफा

यह याद किया जा सकता है कि 2022 के पतन के बाद, तत्कालीन यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अजय कुमार लल्लू ने पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि इसके उम्मीदवारों ने 399 से अधिक सीटों पर अपनी जमानत खो दी थी। यहां तक ​​कि लल्लू भी कुशीनगर में अपनी पारंपरिक तमकुहीराज सीट पर अपना गौरव नहीं बचा पाए और तीसरे नंबर पर बने रहे। हालांकि इसके बाद भी वह प्रियंका के करीबी बने हुए हैं। हालांकि प्रियंका के नेतृत्व पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि उनके नेतृत्व में कांग्रेस दो चुनाव हार चुकी है।

यह भी पढ़ें-ज्ञानवापी मस्जिद केस: सुप्रीम कोर्ट का 'शिवलिंग' वाली जगह को कवर करने का निर्देश, नमाज पर रोक नहींयह भी पढ़ें-ज्ञानवापी मस्जिद केस: सुप्रीम कोर्ट का 'शिवलिंग' वाली जगह को कवर करने का निर्देश, नमाज पर रोक नहीं

Comments
English summary
Congress's Chintan Shivir in Udaipur did not show the concern of the biggest state
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X