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UP Vidhan Sabha:'देश में 2 नमूने, एक दिल्ली-दूसरा लखनऊ में', CM योगी ने किसे किया बेपर्दा? भड़के अखिलेश क्यों?

UP Vidhan Sabha Winter Session 2025: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में सियासी घमासान मच गया। कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार और इससे जुड़ी मौतों के आरोपों पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने विपक्षी नेता अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में 'दो नमूने' हैं, एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में, जो राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से भाग जाते हैं। इस बयान से सदन में हंगामा मच गया, सपा विधायकों ने वॉकआउट कर लिया, जबकि अखिलेश ने इसे बीजेपी की आंतरिक खींचतान का 'आत्म-स्वीकृति' करार दिया।

UP Vidhan Sabha Winter Session

UP Vidhan Sabha Winter Session Highlights: सत्र में क्या-क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Uttar Pradesh Assembly Winter Session-2025) 21 दिसंबर से शुरू हुआ था, और दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान कोडीन कफ सिरप का मुद्दा छाया रहा। सपा ने सरकार पर आरोप लगाया कि अवैध कोडीन सिरप (Illegal Codeine Syrup) के कारोबार से सैकड़ों मौतें हुईं, और समय पर कार्रवाई से इन्हें रोका जा सकता था। यह मुद्दा हाल ही में वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई से जुड़ा है, जहां 10 दिसंबर को प्रतिबंधित कोडीन-आधारित सिरप की बड़ी खेप जब्त की गई थी। मुख्यमंत्री योगी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसी कोई मौत नहीं हुई, और सपा शासनकाल में ही इस रैकेट को बढ़ावा मिला।

योगी ने सदन में कहा, 'प्रश्न क्या है, मुद्दे क्या उठाए जा रहे हैं। पूरा अध्ययन करके आना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कोडीन के मुद्दे को उठाया है, लेकिन मैं आपकी इस मजबूरी को समझता हूं। एक कहावत है, चोर की दाढ़ी में तिनका।' उन्होंने आगे तंज कसते हुए जोड़ा, 'देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है, तो तुरंत वो देश छोड़कर चले जाते हैं। मुझे लगता है कि यही आपके बउआ के साथ भी होता है। वह देश से फिर इंग्लैंड सैर-सपाटे पर चले जाएंगे और आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे।'

Yogi Hits Samajwadi Party: योगी का सपा पर पलटवार-माफिया लिंक्स और बुलडोजर की धमकी

सीएम योगी ने सपा पर आरोप लगाया कि 2016 में सपा सरकार ने कोडीन सिरप के सबसे बड़े होलसेलर को लाइसेंस दिया था। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा नकली दवाओं से मौतों का है, और सरकार समय-समय पर छापेमारी कर रही है। आंकड़ों का हवाला देते हुए योगी ने बताया कि 79 मुकदमे दर्ज किए गए, 225 अभियुक्त नामजद हुए, 78 गिरफ्तारियां हुईं, और 134 छापेमारियां की गईं। उन्होंने सपा के लोहिया वाहिनी के एक सदस्य के बैंक खाते से लेन-देन का जिक्र करते हुए कहा, 'चिंता मत कीजिए। समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा। उस समय चिल्लाना नहीं।'

योगी ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा, 'उम्र के चौथे पड़ाव में व्यक्ति सच बोलता है, लेकिन सपा उन्हें इस उम्र में भी झूठ बुलवा रही है। पढ़ाई-लिखाई से आपका कोई वास्ता नहीं है, इस कारण आप इस तरह की बात करते हैं।' उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार आरोपियों के सपा से लिंक हैं, और जांच में वित्तीय ट्रेल सामने आएगा।

स्पीकर की दखल और सपा का हंगामा

योगी के बयान पर सपा विधायक भड़क गए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, 'सीएम सदन के सम्मानित नेता हैं, लेकिन उनकी वाणी देखिए। आपने कहा कि दो नमूने हैं- एक अखिलेश और दूसरा राहुल गांधी।' इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने टोका, 'सीएम ने किसी का नाम नहीं लिया है, आप क्यों खुद पर ले रहे हैं।'

सपा विधायकों ने हंगामा किया, नारे लगाए, लेकिन स्पीकर ने कहा,'एक आदमी नारा लगा रहा था। आप गलत बयानी कर रहे हैं। आप कह रहे हैं कि सैकड़ों मौतें हुईं तो नाम बताइए।' समझाने पर भी नहीं माने तो सपा ने सदन से वॉकआउट कर लिया।

Akhilesh Yadav का तीखा पलटवार: बीजेपी की कलह पर सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी के बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'आत्म-स्वीकृति' बताया। उन्होंने लिखा, 'आत्म-स्वीकृति! किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लांघें। भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं। कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा।' अखिलेश ने इसे बीजेपी की आंतरिक कलह से जोड़ा, जिसमें उपमुख्यमंत्रियों की नियुक्ति और नौकरशाही पर विवाद शामिल हैं। उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि कोडीन सिरप घोटाला हजारों करोड़ का है, और सरकार तथ्यों को छिपा रही है, जबकि 118 से ज्यादा FIR दर्ज हो चुकी हैं।

जांच और राजनीतिक निहितार्थ

सरकार ने कोडीन सिरप रैकेट की जांच के लिए SIT गठित की है, जिसमें यूपी पुलिस और फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी शामिल हैं। योगी ने कहा कि कोडीन फॉस्फेट NDPS एक्ट के तहत नियंत्रित है, और इसका दुरुपयोग नशे के रूप में हो रहा है। सपा ने इसे सरकार की नाकामी बताया, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की पुरानी साजिश करार दे रही है। यह विवाद 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा रहा है, जहां सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकते हैं।

यह घटना यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है, जहां विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। सदन में ऐसी बहसें लोकतंत्र की जीवंतता दिखाती हैं, लेकिन मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है।

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