यूपी में उपचुनाव की तारीख में बदलाव, अब 20 नवंबर को होगी वोटिंग, अखिलेश बोले- हारेंगे तो टालेंगे
Change in date of by-election in UP: उत्तर प्रदेश के 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के मतदान की तिथियाें में बदलाव कर दिया गया है। अब 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को मतदान होगा। हालांकि नतीजे 23 नवंबर को ही आएंगे।
चुनाव आयोग की तरफ से सोमवार को यह फैसला लिया गया। बताया गया है कि आयोग ने यह फैसला 15 नवंबर को पड़ने वाले कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को ध्यान में रखते हुए लिया है। चुनाव की तिथि में बदलाव के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला किया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि "टालेंगे तो और भी बुरा हारेंगे! पहले मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला, अब बाक़ी सीटों के उपचुनाव की तारीख़, भाजपा इतनी कमजोर कभी न थी। दरअसल बात ये है कि उप्र में 'महा-बेरोज़गारी' की वजह से जो लोग पूरे देश में काम-रोज़गार के लिए जाते हैं, वो दिवाली और छठ की छुट्टी लेकर उप्र आए हुए हैं, और उपचुनाव में भाजपा को हराने के लिए वोट डालने वाले थे। जैसे ही भाजपा को इसकी भनक लगी, उसने उपचुनावों को आगे खिसका दिया, जिससे लोगों की छुट्टी ख़त्म हो जाए और वो बिना वोट डाले ही वापस चले जाएं। ये भाजपा की पुरानी चाल है : हारेंगे तो टालेंगे।"
इसी तरह आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह द्वारा कहा गया कि यह बहुत ही अजीब बात है कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हिसाब से चुनाव कार्यक्रम बनाए जाते हैं। इसके अलावा डिंपल यादव ने कहा कि चुनाव की तारीख बदलने से पता चलता है कि कहीं ना कहीं हलचल मची हुई है।
हम जो अच्छा काम कर रहे हैं और महाराष्ट्र में भी कुछ सीटों पर हम अच्छा चुनाव लड़ रहे हैं उसे देखते हुए कहीं ना कहीं कुछ ताल मेल बैठाकर उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के दौरान मतदान की तिथि में बदलाव किया गया है। इसके अलावा अन्य विपक्षी नेताओं का भी बयान सामने आया है।
आईए जानते हैं क्यों बदली गई मतदान की तिथि
दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा 13 नवंबर को मतदान की घोषणा किए जाने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी और आरएलडी तथा बसपा द्वारा चुनाव आयोग को पत्र लिखकर वोटिंग की तारीख बदलने की मांग की गई थी। पत्र में नेताओं द्वारा लिखा गया था कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है।
बताया गया था कि कुंदरकी, मीरापुर, प्रयागराज और गाजियाबाद आदि जनपदों में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर मेला का आयोजन किया जाता है। यदि उपचुनाव के दौरान मतदान की तारीख में बदलाव नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में लोग वोट नहीं डाल पाएंगे। यही कारण है कि चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के दौरान मतदान तिथि में बदलाव कर दिया गया है।












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